मां-बेटे की मौत पर परिजनों का हंगामा, डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप
बरेली। थाना सुभाष नगर क्षेत्र में एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मां और नवजात बेटे की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मृतका के परिवार वालों ने अस्पताल की डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने और समय से पहले डिलीवरी कराने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले में शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार अनुपम नगर कॉलोनी निवासी शिवम कश्यप की पत्नी 24 वर्षीय शशि कश्यप गर्भवती थीं और गर्भावस्था का आठवां महीना चल रहा था। परिजनों का कहना है कि अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें क्षेत्र के सिद्धिविनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां मौजूद डॉक्टर मंजू गुप्ता ने जांच के बाद उन्हें भर्ती कर लिया और बताया कि डिलीवरी करनी होगी। परिवार का आरोप है कि डॉक्टर ने समय से पहले डिलीवरी कराई, जिसके बाद एक बेटे का जन्म हुआ, लेकिन नवजात की हालत बेहद गंभीर थी।
परिजनों के अनुसार बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। परिवार नवजात को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा, लेकिन वहां वेंटिलेटर उपलब्ध न होने की बात कहकर भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद परिजन बच्चे को वापस लेकर आए और फिर रात में ही बेहतर इलाज की उम्मीद में चौपला स्थित एक अन्य अस्पताल के लिए रवाना हुए। आरोप है कि रास्ते में ही नवजात ने दम तोड़ दिया।
इधर अस्पताल में भर्ती शशि कश्यप की हालत भी लगातार बिगड़ती रही। मृतका के पति शिवम कश्यप का कहना है कि इलाज के दौरान अस्पताल की ओर से लगातार ब्लड की मांग की जाती रही और उन्होंने छह बार रक्त की व्यवस्था कर अस्पताल में उपलब्ध कराया। इसके बावजूद शशि की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और अगले दिन सुबह उनकी भी मौत हो गई।
मां और बेटे दोनों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में रिश्तेदार और स्थानीय लोग अस्पताल पहुंच गए तथा डॉक्टर और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि यदि सही समय पर उचित उपचार किया जाता और डॉक्टर लापरवाही नहीं बरततीं तो दोनों की जान बचाई जा सकती थी।
मृतका के पति शिवम कश्यप ने पुलिस को दी गई तहरीर में डॉक्टर मंजू गुप्ता पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बिना पर्याप्त चिकित्सीय आवश्यकता के समय से पहले डिलीवरी कराई गई और बाद में मरीज की स्थिति बिगड़ने पर भी समुचित इलाज नहीं दिया गया। वहीं अस्पताल प्रशासन और डॉक्टर की ओर से इन आरोपों को लेकर अपना पक्ष सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। मां और नवजात की मौत से परिवार में गहरा शोक व्याप्त है तथा परिजन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

