भारत-पाक सीमा पर सुरक्षा होगी और सख्त, ‘ऑपरेशन क्लीन’ का दायरा 15 से बढ़ाकर 50 किलोमीटर किया गया
जयपुर। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गृह विभाग के निर्देश पर सीमावर्ती क्षेत्रों में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन’ का दायरा अब पहले से कहीं अधिक बढ़ा दिया गया है। पहले यह अभियान सीमा से सटे 15 किलोमीटर क्षेत्र तक सीमित था, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 50 किलोमीटर तक कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक स्तर पर सर्वे और जांच अभियान शुरू कर दिया है।

जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने बताया कि नए निर्देशों के तहत सीमा से सटे 102 गांवों और ढाणियों को चिन्हित किया गया है। इन क्षेत्रों में संयुक्त टीमों द्वारा विस्तृत सर्वे का कार्य शुरू कर दिया गया है। अभियान का मुख्य उद्देश्य सीमा क्षेत्र में मौजूद अवैध निर्माण, संदिग्ध गतिविधियों और अनधिकृत बसावटों की पहचान करना है ताकि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सर्वे के दौरान बिना अनुमति के बने पक्के निर्माणों, गोदामों, शेड और अन्य संरचनाओं की विशेष रूप से जांच की जा रही है। इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि कहीं इन निर्माणों का उपयोग किसी अवैध गतिविधि के लिए तो नहीं किया जा रहा। सुरक्षा एजेंसियां प्रत्येक संदिग्ध स्थान का रिकॉर्ड तैयार कर रही हैं और उससे जुड़ी जानकारी एकत्रित कर रही हैं।
कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ विषय है। इसलिए अभियान को पूरी गंभीरता और मुस्तैदी के साथ संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सर्वे की पूरी रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
सूत्रों के अनुसार, सीमा क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में कई स्थानों पर अवैध निर्माण और अनधिकृत गतिविधियों की शिकायतें सामने आई थीं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि ऐसे निर्माणों का उपयोग तस्करी, अवैध आवाजाही या अन्य संदिग्ध गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने अभियान का दायरा बढ़ाने का निर्णय लिया है।
ऑपरेशन क्लीन के तहत प्रशासन, पुलिस, राजस्व विभाग और सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीमें क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही हैं। गांवों और ढाणियों में जाकर लोगों से जानकारी भी जुटाई जा रही है। साथ ही भू-अभिलेखों और भूमि रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी निर्माण नियमों के विपरीत नहीं हुआ है।
अधिकारियों का कहना है कि सीमा क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। अभियान के दौरान यदि कोई अवैध निर्माण या संदिग्ध गतिविधि सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर अवैध निर्माणों को हटाने और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कदम उठाने की भी तैयारी की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा से सटे क्षेत्रों में इस प्रकार का व्यापक सर्वे सुरक्षा दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इससे न केवल अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगेगा, बल्कि सीमा क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा भी मजबूत होगी। साथ ही प्रशासन को क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में भी मदद मिलेगी।
फिलहाल 102 गांवों और ढाणियों में सर्वे कार्य तेजी से जारी है। प्रशासन का लक्ष्य निर्धारित समय में पूरी जांच प्रक्रिया को पूरा कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करना है। केंद्र सरकार के इस कदम को सीमा सुरक्षा को मजबूत करने और तस्करी तथा अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

