दहेज मामले में 40 हजार की रिश्वत लेते महिला एसआई समेत तीन पुलिसकर्मी गिरफ्तार, एसीबी की बड़ी कार्रवाई
जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बेंगलुरु पुलिस की एक महिला सब इंस्पेक्टर (एसआई) और दो हेड कॉन्स्टेबल को गिरफ्तार किया है। तीनों पुलिसकर्मियों को दहेज प्रताड़ना से जुड़े एक मामले में 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। कार्रवाई रविवार सुबह जयपुर के एक होटल में की गई। गिरफ्तारी के दौरान महिला एसआई की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में बेंगलुरु के एचएएल पुलिस स्टेशन में तैनात महिला सब इंस्पेक्टर अनीथा, हेड कॉन्स्टेबल यतीश कुमार और हेड कॉन्स्टेबल उल्वप्पा शामिल हैं। तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ की जा रही है।

जानकारी के अनुसार जयपुर निवासी एक व्यक्ति ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी बहू ने बेंगलुरु के एचएएल थाने में दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराया हुआ है। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों द्वारा कार्रवाई में राहत देने और कानूनी मदद के नाम पर रिश्वत की मांग की जा रही थी। आरोप है कि पुलिसकर्मी लगातार शिकायतकर्ता और उसके परिवार पर दबाव बना रहे थे तथा मामले में अनुकूल कार्रवाई के बदले पैसे की मांग कर रहे थे।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया। प्रारंभिक जांच में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर ब्यूरो ने ट्रैप की योजना बनाई। इसके तहत आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीम का गठन किया गया। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर भेजा गया और एसीबी की टीम ने पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी।
रविवार सुबह जयपुर स्थित होटल गणगौर में जैसे ही आरोपियों ने शिकायतकर्ता से 40 हजार रुपये की रिश्वत राशि ली, एसीबी की टीम ने तुरंत घेराबंदी कर तीनों को दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान होटल परिसर में कुछ देर अफरा-तफरी का माहौल भी रहा। एसीबी अधिकारियों ने मौके से रिश्वत की रकम बरामद कर ली और आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के दौरान महिला एसआई अनीथा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद एसीबी अधिकारियों ने आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई। हालांकि पूछताछ और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रिश्वत की मांग केवल इसी मामले में की गई थी या फिर आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहे हैं। जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन, दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड भी खंगाले जाएंगे ताकि मामले से जुड़े सभी तथ्यों का पता लगाया जा सके।
इस कार्रवाई को एसीबी की भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम की बड़ी सफलता माना जा रहा है। ब्यूरो लगातार सरकारी विभागों और कानून व्यवस्था से जुड़े संस्थानों में रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई कर रहा है। अधिकारियों ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी या अधिकारी किसी काम के बदले रिश्वत मांगता है तो उसकी शिकायत तुरंत एसीबी को दें।
फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनसे जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। एसीबी का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने एक बार फिर पुलिस व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में बेंगलुरु के एचएएल पुलिस स्टेशन में तैनात महिला सब इंस्पेक्टर अनीथा, हेड कॉन्स्टेबल यतीश कुमार और हेड कॉन्स्टेबल उल्वप्पा शामिल हैं। तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ की जा रही है।

