फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, सुनामी की चेतावनी जारी, 3 लोगों की मौत
मनीला। फिलीपींस में सोमवार सुबह आए शक्तिशाली भूकंप ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी। रिक्टर स्केल पर 7.8 तीव्रता के इस भूकंप के बाद फिलीपींस, इंडोनेशिया और मलेशिया के कई तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार भूकंप में अब तक कम से कम तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पांच अन्य घायल बताए जा रहे हैं। इसके अलावा दर्जनों इमारतों को नुकसान पहुंचा है और कई इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार भूकंप भारतीय समयानुसार सुबह 5 बजकर 7 मिनट पर दर्ज किया गया। इसका केंद्र फिलीपींस के दक्षिणी क्षेत्र में स्थित मिंडानाओ द्वीप के निकट जमीन से लगभग 35 किलोमीटर की गहराई में था। भूकंप इतना शक्तिशाली था कि इसके झटके सैकड़ों किलोमीटर दूर तक महसूस किए गए। कई इलाकों में लोग घबराकर अपने घरों, कार्यालयों और अन्य भवनों से बाहर निकल आए।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के मुताबिक भूकंप के कारण अब तक कम से कम तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। वहीं पांच लोग घायल हुए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई प्रभावित क्षेत्रों से अभी भी जानकारी जुटाई जा रही है।

भूकंप के कारण व्यापक स्तर पर संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है। अब तक 37 इमारतों को क्षति पहुंचने की सूचना मिली है। इनमें अधिकांश दुकानें, कार्यालय और व्यावसायिक भवन शामिल हैं। कई इमारतों में दरारें आ गई हैं, जबकि कुछ संरचनाओं के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने की खबर है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर कई इमारतों को खाली करा दिया है और इंजीनियरों की टीमों को निरीक्षण के लिए भेजा गया है।
भूकंप के बाद सबसे बड़ी चिंता सुनामी को लेकर जताई जा रही है। पैसिफिक सुनामी वार्निंग सेंटर ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि फिलीपींस के कुछ तटीय क्षेत्रों में समुद्र की लहरें तीन मीटर तक ऊंची उठ सकती हैं। ऐसे में समुद्र के किनारे रहने वाले लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। कई तटीय शहरों में प्रशासन ने सायरन बजाकर लोगों को सतर्क किया और निकासी अभियान शुरू कर दिया।
सुनामी का खतरा केवल फिलीपींस तक सीमित नहीं है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इंडोनेशिया और मलेशिया के कुछ तटीय क्षेत्रों में भी एक मीटर तक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। इन देशों की सरकारों ने भी समुद्र तटों पर निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को तटों से दूर रहने की सलाह दी है। आपदा प्रबंधन एजेंसियां लगातार समुद्री गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं।
भूकंप के बाद कई आफ्टरशॉक्स यानी झटके भी महसूस किए गए हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलीपींस प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” क्षेत्र में स्थित है, जहां पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटों की सक्रियता अधिक होने के कारण अक्सर भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां होती रहती हैं।
फिलीपींस सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। आपदा प्रबंधन टीमों, सेना और स्थानीय प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। फिलहाल प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और संभावित सुनामी के खतरे को देखते हुए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए जा रहे हैं।

