नल में उतरे करंट से मां-बेटे की दर्दनाक मौत, बचाने दौड़ा बेटा भी बना हादसे का शिकार, गांव में मातम

कासगंज। सहावर थाना क्षेत्र के ग्राम हीरापुर में बुधवार तड़के एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। घर में लगे नल में अचानक उतरे करंट की चपेट में आकर मां और बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद गांव में शोक की लहर दौड़ गई और हर किसी की आंखें नम हो गईं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हीरापुर निवासी 65 वर्षीय किरन देवी, पत्नी मेंबर सिंह, रोज की तरह सुबह करीब 4 बजे घर के नल से पानी भरने के लिए गई थीं। इसी दौरान अचानक नल में बिजली का करंट उतर आया, जिसकी उन्हें भनक तक नहीं लगी और वह उसकी चपेट में आ गईं। करंट लगते ही वह जोर से चीखीं और वहीं गिर पड़ीं। उनकी आवाज सुनकर घर में मौजूद उनका चौथा बेटा रईस पाल (32) घबराकर मौके पर पहुंचा और मां को बचाने के लिए दौड़ा।
लेकिन जैसे ही रईस ने अपनी मां को छूकर उन्हें हटाने की कोशिश की
वह भी तेज करंट की चपेट में आ गया। बताया जा रहा है कि करंट इतना अधिक था कि दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और कुछ ही क्षणों में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। यह मंजर इतना भयावह था कि परिवार के अन्य सदस्य और आसपास के लोग भी सहम गए।
इस दोहरी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रईस पाल की शादी तीन वर्ष पूर्व आगरा के शमशाबाद क्षेत्र में हुई थी। वह अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बेटियां—दो वर्षीय नाकिशा और मात्र छह माह की खुशिका—को छोड़ गया है। पिता और दादी की एक साथ मौत से इन मासूम बच्चियों का भविष्य अधर में लटक गया है, जिसे लेकर गांव के लोग भी बेहद चिंतित हैं।
बताया गया कि किरन देवी के परिवार में दो बेटियां और चार बेटे हैं, जिनकी शादियां हो चुकी हैं। परिवार पहले से ही सीमित संसाधनों में जीवन यापन कर रहा था, ऐसे में एक साथ दो सदस्यों की मौत ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है। घटना के बाद घर में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते पूरे गांव के लोग मौके पर जमा हो गए।
सूचना मिलते ही सहावर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में नल में करंट उतरने की वजह बिजली के तारों में आई खराबी या लीकेज मानी जा रही है, हालांकि पुलिस और बिजली विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी हुई है।
ग्रामीणों ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और उचित मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही, उन्होंने गांव में बिजली व्यवस्था की जांच कर खामियों को जल्द से जल्द दूर करने की भी अपील की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि बिजली से जुड़े छोटे-छोटे लापरवाही भरे हालात किस तरह बड़े हादसे में बदल सकते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में बिजली सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाए और समय-समय पर जांच कर जोखिमों को खत्म किया जाए
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