Jobner Updates : गौ सम्मान के समर्थन में उमड़ा जनसैलाब, 51 हजार हस्ताक्षरों के साथ सौंपा ज्ञापन

गौमाता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान को लेकर सोमवार को एक भव्य एवं ऐतिहासिक आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें हजारों गौभक्तों, संतों और श्रद्धालुओं की सहभागिता देखने को मिली। प्रदेशव्यापी गौ सम्मान जनजागरण अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम ने जनसमर्थन, आस्था और संकल्प का अनूठा उदाहरण पेश किया।
कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत गौमाता पूजन से हुई, जहां श्रद्धालुओं ने पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस दौरान पूज्य संत श्री श्री 1008 श्री हीरा पुरी महाराज एवं संत श्री कृपा राम जी कालख बांध के सानिध्य में आयोजित सभा में गौसेवा और गौसंरक्षण के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।

अपने संबोधन में संत श्री हीरा पुरी महाराज ने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों की आधारशिला हैं। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि गौमाता को राष्ट्र स्तर पर सर्वोच्च सम्मान दिलाने के लिए सभी को एकजुट होकर इस अभियान को जनआंदोलन बनाना होगा। वहीं संत श्री कृपा राम जी ने गौमाता को ‘चलता-फिरता तीर्थ’ बताते हुए गौसेवा को सर्वोच्च सेवा बताया।
इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि हस्ताक्षर अभियान रही, जिसके तहत पिछले डेढ़ माह में 51 हजार से अधिक हस्ताक्षर एकत्रित किए गए। यह जनसमर्थन समाज में गौमाता के प्रति गहरी आस्था को दर्शाता है।

कार्यक्रम के अंतर्गत आकर्षक झांकी के साथ एक विशाल रैली भी निकाली गई, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। बैंड-बाजों, रामधुन और जयघोषों के बीच निकली इस रैली का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर रहा।
रैली के समापन पर सभी गौभक्त एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जहां उपखंड अधिकारी नेहा राठी को प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के साथ 51 हजार हस्ताक्षरों का संकलन भी प्रस्तुत किया गया।
उपखंड अधिकारी ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए आश्वासन दिया कि इसे शीघ्र ही संबंधित उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और गौसंरक्षण से जुड़ी मांगों पर सकारात्मक पहल की जाएगी।
प्रदेशभर में चल रहा यह गौ सम्मान अभियान अब व्यापक जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। विभिन्न स्थानों पर पदयात्राएं, रैलियां और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिससे गौमाता के सम्मान और संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंच रहा है। यह आयोजन इसी श्रृंखला की एक प्रेरणादायक और महत्वपूर्ण कड़ी साबित हुआ।

