नगर निकाय चुनाव से पहले सरकार का बड़ा फैसला, 12 जून से शुरू होंगे शहरी सेवा शिविर-2026
जयपुर। नगर निकाय चुनावों से पहले राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत देने की घोषणा की है। सरकार ने प्रदेशभर में शहरी सेवा शिविर-2026 आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिसकी शुरुआत 12 जून से होगी। यह विशेष अभियान 15 जुलाई तक चलेगा। सरकार का उद्देश्य आम नागरिकों की लंबित समस्याओं का त्वरित समाधान करना और विभिन्न शहरी सेवाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है।
सरकारी आदेश के अनुसार यह अभियान राज्य के सभी नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका, विकास प्राधिकरण, नगर सुधार न्यास (यूआईटी) और हाउसिंग बोर्ड क्षेत्रों में संचालित किया जाएगा। शिविरों के दौरान नागरिकों के वर्षों से लंबित प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण करने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न विभागों से संबंधित सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

इस बार के शहरी सेवा शिविरों में सबसे बड़ी राहत भूमि, पट्टा और नियमन संबंधी मामलों में दी गई है। सरकार ने भवन निर्माण स्वीकृति, नामांतरण, उप-विभाजन, पुनर्गठन, भू-उपयोग परिवर्तन और फ्री-होल्ड जैसे मामलों की प्रक्रिया को पहले की तुलना में काफी सरल बनाया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे बड़ी संख्या में ऐसे प्रकरणों का निस्तारण संभव होगा जो लंबे समय से विभिन्न कारणों से लंबित पड़े हैं।
शिविरों की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि कई मामलों में मौका निरीक्षण की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इससे आवेदनों के निस्तारण में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा और लोगों को त्वरित राहत मिल सकेगी। इसके अलावा आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि को भी 15 दिन से घटाकर मात्र 7 दिन कर दिया गया है। इससे प्रक्रियाएं तेज होंगी और नागरिकों को जल्द निर्णय मिल सकेगा।
सरकार ने भवन निर्माण स्वीकृति शुल्क में भी विशेष छूट देने का फैसला किया है। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी जो अपने भवनों का नियमितीकरण करवाना चाहते हैं या निर्माण संबंधी अनुमति प्राप्त करना चाहते हैं। माना जा रहा है कि इस निर्णय से शहरी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लंबित निर्माण संबंधी मामलों का समाधान हो सकेगा।
शहरी विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे। नागरिक अपने दस्तावेजों के साथ शिविर स्थल पर पहुंचकर आवेदन कर सकेंगे और अधिकांश मामलों में उसी दिन या निर्धारित समय सीमा के भीतर समाधान प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए विशेष काउंटर भी बनाए जाएंगे ताकि लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान शहरी प्रशासन को अधिक प्रभावी और जनहितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है। लंबे समय से लंबित पट्टों, भूमि विवादों और अन्य प्रशासनिक मामलों के समाधान से आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही स्थानीय निकायों के कार्यों में भी पारदर्शिता और गति आएगी।
राजनीतिक दृष्टि से भी इस अभियान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले सरकार नागरिकों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें राहत पहुंचाने का प्रयास कर रही है। शहरी क्षेत्रों में लंबे समय से लंबित मामलों के निस्तारण से बड़ी संख्या में लोगों को फायदा मिलने की संभावना है।
सरकार का दावा है कि शहरी सेवा शिविर-2026 के माध्यम से लाखों नागरिकों को सीधे लाभ मिलेगा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाकर जनता को त्वरित सेवाएं प्रदान की जाएंगी। अब लोगों की निगाहें 12 जून से शुरू होने वाले इस अभियान पर टिकी हैं, जिससे उन्हें अपनी वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान की उम्मीद है।

