जयपुर सेंट्रल जेल में मिला मोबाइल, Security पर उठे बड़े सवाल!
Central Jail Jaipur में फिर मिला फोन, Security सिस्टम हुआ फेल?
जयपुर की केंद्रीय कारागार एक बार फिर सवालों के घेरे में है।सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक और मामला सामने आया है, जहां जेल परिसर के अंदर से मोबाइल फोन बरामद किया गया है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इतनी सख्त सुरक्षा के बावजूद प्रतिबंधित मोबाइल जेल के भीतर पहुंचा कैसे? इस पूरे मामले ने जेल की Security व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दरअसल, जयपुर के सेंट्रल जेल में बुधवार शाम नियमित जांच के दौरान सुरक्षा कर्मियों को एक संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। जब तलाशी ली गई तो वार्ड नंबर-9 की बैरक नंबर-4 के पीछे बने शौचालय के पास एक काले रंग का मोबाइल फोन लावारिस हालत में पड़ा मिला। बताया जा रहा है कि यह मोबाइल MTRM 26 मॉडल का है। इस घटना के बाद जेल की Security को लेकर प्रशासन और सतर्क हो गया है।
हालांकि मोबाइल में कोई सिम कार्ड नहीं मिला, लेकिन उसकी बैटरी अलग से बरामद हुई है। जेल प्रशासन ने तुरंत इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी। मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई और इसके बाद लालकोठी थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया। अब पूरा फोकस जेल की Security व्यवस्था को मजबूत करने पर है।
कारागृह प्रबंधक विजय सिंह की ओर से गुरुवार को पुलिस को रिपोर्ट सौंपी गई। साथ ही बरामद मोबाइल और बैटरी की फर्द जब्ती बनाकर पुलिस के हवाले कर दिया गया है। अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जेल की Security में आखिर चूक कहां हुई।
सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर जेल जैसी हाई सिक्योरिटी जगह में मोबाइल पहुंचा कैसे? क्या किसी कैदी के पास यह मोबाइल इस्तेमाल के लिए था? या फिर जेल के अंदर कोई ऐसा नेटवर्क सक्रिय है जो बंदियों तक अवैध तरीके से मोबाइल पहुंचा रहा है? इस घटना ने जेल की Security व्यवस्था की गंभीरता को फिर उजागर कर दिया है।
जानकारों की मानें तो जेलों में मोबाइल मिलने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। कई बार ऐसे मोबाइल का इस्तेमाल जेल के अंदर बैठकर अपराधों को अंजाम देने, धमकी देने, फिरौती मांगने या बाहरी दुनिया से संपर्क बनाए रखने के लिए किया जाता है। ऐसे में यह मामला सिर्फ एक मोबाइल मिलने तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि यह जेल Security पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस अब जेल स्टाफ, कैदियों और हाल ही में जेल में आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों की भी जांच कर सकती है। इसके अलावा जेल परिसर के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं ताकि पता लगाया जा सके कि मोबाइल आखिर वहां तक पहुंचा कैसे। इस जांच का मुख्य उद्देश्य जेल की Security को और मजबूत बनाना है।
यह पहली बार नहीं है जब जयपुर सेंट्रल जेल में मोबाइल मिलने का मामला सामने आया हो। इससे पहले भी कई बार तलाशी अभियान के दौरान मोबाइल, सिम कार्ड और अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद हो चुके हैं। बावजूद इसके ऐसी घटनाओं का लगातार सामने आना जेल Security की पोल खोलता नजर आ रहा है।
अब सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या जेल प्रशासन की चेकिंग पर्याप्त नहीं है? या फिर अंदरूनी मिलीभगत के बिना इस तरह की घटनाएं संभव नहीं हैं? लगातार सामने आ रहे मामलों ने जेल Security पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मोबाइल किसका था, उसे जेल में कौन लेकर आया और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। जांच एजेंसियां जेल Security से जुड़े हर पहलू को खंगाल रही हैं।
अगर जांच में किसी कर्मचारी या कैदी की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है। वहीं इस घटना के बाद जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और तलाशी अभियान को और ज्यादा सख्त करने के संकेत दिए हैं। आने वाले दिनों में जेल परिसर में विशेष सर्च ऑपरेशन भी चलाया जा सकता है ताकि जेल Security को पूरी तरह मजबूत किया जा सके।
अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या खुलासे होते हैं और आखिर इस मोबाइल के पीछे का पूरा सच क्या है। फिलहाल यह मामला जयपुर सेंट्रल जेल की Security व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है।
फिलहाल इस खबर में इतना ही।
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