बरेली पुलिस मुठभेड़: गौकशी की तैयारी कर रहे दो आरोपी घायल होकर गिरफ्तार, फायरिंग में आरक्षी भी घायल

बरेली पुलिस मुठभेड़ में उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की भोजीपुरा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए गौकशी की तैयारी कर रहे दो आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसमें एक आरक्षी घायल हो गया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेकर अस्पताल भेजा गया। मौके से एक जीवित बैल को भी सुरक्षित मुक्त कराया गया।
यह कार्रवाई जिले में अपराध और गौकशी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार, कारतूस और गौकशी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश की जा रही है।
बरेली पुलिस मुठभेड़ कैसे हुई?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार 20 और 21 जुलाई की दरमियानी रात भोजीपुरा थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मुड़िया हाफिज गांव के पास खेत में दो व्यक्ति गौवंशीय पशु को काटने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल इलाके की घेराबंदी कर मौके पर दबिश दी।
जैसे ही पुलिस टीम आरोपियों के करीब पहुंची, उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुई गोलीबारी में आरक्षी लक्की के हाथ में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।
जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी घायल
पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी, जिसके बाद वे मौके पर ही घायल होकर गिर पड़े। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर तत्काल अस्पताल भेजा।
घायल पुलिसकर्मी को भी उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों के अनुसार उनकी स्थिति खतरे से बाहर है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार की है—
- दानिश (27 वर्ष)
- फईम (30 वर्ष)
दोनों आरोपी धौराटांडा क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
मौके से क्या-क्या बरामद हुआ?
बरेली पुलिस मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए।
बरामदगी में शामिल हैं—
- दो अवैध तमंचे
- दो जीवित कारतूस
- दो खोखा कारतूस
- गौकशी में प्रयुक्त छुरियां
- बांका
- दांव
- लकड़ी का गुटका
- रस्सियां
- एक जीवित बैल
पुलिस ने बैल को सुरक्षित मुक्त कर लिया।
पूछताछ में क्या खुलासा हुआ?
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे आर्थिक लाभ के लिए गौवंशीय पशुओं की हत्या कर उनका मांस बेचते थे।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि—
- इनके गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं।
- गौमांस की सप्लाई किन क्षेत्रों में की जाती थी।
- इनके अन्य आपराधिक मामलों से क्या संबंध हैं।
किन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा?
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विभिन्न कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज किया है, जिनमें प्रमुख रूप से—
- भारतीय न्याय संहिता (BNS)
- उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम
- पशु क्रूरता निवारण अधिनियम
- आयुध अधिनियम
की धाराएं शामिल हैं।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में गौकशी, पशु तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार—
- फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
- बरामद हथियारों की जांच कराई जाएगी।
- अपराधियों के नेटवर्क का भी पता लगाया जा रहा है।
- कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
लोगों से पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं गौकशी, पशु तस्करी या किसी अन्य गंभीर आपराधिक गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को सूचना दें।
पुलिस का कहना है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
बरेली पुलिस मुठभेड़ जिले में अपराध नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है। पुलिस पर फायरिंग करने वाले दोनों आरोपी घायल अवस्था में गिरफ्तार किए गए, जबकि एक आरक्षी भी घायल हुआ। मौके से जीवित बैल को सुरक्षित बचाया गया और अवैध हथियार बरामद किए गए। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर अन्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

