जगतपुरा में JDA का बड़ा अतिक्रमण हटाओ अभियान, 125 से अधिक अवैध निर्माण ध्वस्त, इंटरनेट और बिजली सेवाएं बंद
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के जगतपुरा क्षेत्र में सोमवार को जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। नंदपुरी अंडरपास से रेलवे लाइन के समानांतर बनी सड़क को 80 फीट चौड़ा करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान के तहत अब तक 125 से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जा चुका है। प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं और पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

जानकारी के अनुसार सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत जिन निर्माणों को हटाया जा रहा है, उनमें कई मकान, दुकानें और अन्य स्थायी ढांचे शामिल हैं। प्रशासन ने दावा किया है कि सभी निर्माण सरकारी भूमि पर अवैध रूप से किए गए थे और पूर्व में नोटिस जारी कर संबंधित लोगों को अवगत भी कराया गया था। कार्रवाई के दौरान पांच धार्मिक स्थलों को भी हटाया गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।
संभावित विरोध और कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए करीब तीन हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और JDA के कर्मचारी मौके पर मौजूद रहकर पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं। इलाके में कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है तथा बाहरी लोगों की आवाजाही पर भी नियंत्रण रखा गया है।
प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से इंटरनेट सेवाओं को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। जयपुर संभागीय आयुक्त वी. सरवन कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार रविवार रात 12 बजे से सोमवार रात 12 बजे तक कई क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। आदेश के तहत 2G, 3G, 4G और 5G मोबाइल डेटा सेवाएं पूरी तरह बंद रखी गई हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना के प्रसार को रोकने के लिए विशेष निगरानी की जा रही है।
स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने केवल इंटरनेट सेवाएं ही नहीं रोकीं, बल्कि नंदपुरी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी गई। अधिकारियों का कहना है कि बिजली कटौती का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि लोग घरों में वाई-फाई नेटवर्क का उपयोग कर किसी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ सामग्री का प्रसार न कर सकें। इस कदम को लेकर स्थानीय लोगों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कई प्रमुख मार्गों को भी अस्थायी रूप से बंद किया गया। रोड ब्लॉक कर लोगों की आवाजाही को सीमित कर दिया गया ताकि किसी प्रकार की भीड़ एकत्र न हो सके। स्थानीय निवासियों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई और कई स्थानों पर लोगों को बाहर निकलने से भी रोका गया। प्रशासन का कहना है कि यह कदम पूरी तरह एहतियाती था और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया।
JDA अधिकारियों के अनुसार सड़क चौड़ीकरण का यह कार्य क्षेत्र में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए बेहद आवश्यक है। नंदपुरी अंडरपास से रेलवे लाइन के समानांतर बनी सड़क वर्तमान में संकरी होने के कारण अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क को 80 फीट चौड़ा किए जाने के बाद स्थानीय लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलने की उम्मीद है।
वहीं दूसरी ओर प्रभावित लोगों का कहना है कि उनके निर्माण वर्षों पुराने थे और उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया। कुछ लोगों ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल भी उठाए हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया नियमानुसार अपनाई गई है और सभी प्रभावित पक्षों को पूर्व सूचना दी गई थी।
फिलहाल जगतपुरा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस एवं अन्य एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। यह कार्रवाई जयपुर में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है।

