आचार्य प्रमोद कृष्णम का अशोक गहलोत पर तीखा हमला, ‘धृतराष्ट्र’ से की तुलना, सियासी बयानबाजी तेज
जयपुर। राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा कांग्रेस नेता सचिन पायलट को लेकर दिए गए बयान के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और पूर्व कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने उन पर तीखा हमला बोला है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने महाभारत के पात्र धृतराष्ट्र का उदाहरण देते हुए गहलोत पर निशाना साधा और उन पर पुत्र मोह तथा सत्ता के स्वार्थ में राजनीति करने का आरोप लगाया।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से राजस्थान कांग्रेस की आंतरिक राजनीति और सचिन पायलट को लेकर दिए गए बयानों पर सियासी घमासान मचा हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कुछ हालिया बयानों के बाद भाजपा नेताओं ने उन पर हमला बोलना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में आचार्य प्रमोद कृष्णम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट कर गहलोत पर कड़ा प्रहार किया।

आचार्य प्रमोद कृष्णम ने अपने पोस्ट में लिखा, “पुत्र मोह में धृतराष्ट्र मानसिक रूप से अंधा हो गया था। सत्ता के सिंहासन के स्वार्थ में आप इतना गिर जाओगे, यह कल्पना से भी परे है।” उनके इस बयान को सीधे तौर पर अशोक गहलोत और राजस्थान कांग्रेस में लंबे समय से चले आ रहे गहलोत-पायलट विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आचार्य प्रमोद कृष्णम का यह बयान केवल व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं है, बल्कि इसके जरिए उन्होंने कांग्रेस के भीतर लंबे समय से चले आ रहे नेतृत्व संघर्ष को भी मुद्दा बनाने की कोशिश की है। गौरतलब है कि आचार्य प्रमोद कृष्णम कभी कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में गिने जाते थे, लेकिन बाद में पार्टी से उनके संबंध बिगड़ गए और उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी। वर्तमान में वह भाजपा के समर्थन में मुखर नजर आते हैं और कांग्रेस नेतृत्व पर लगातार हमले करते रहते हैं।
राजस्थान की राजनीति में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच मतभेद किसी से छिपे नहीं हैं। वर्ष 2020 में सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों की बगावत के बाद दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक दूरी और अधिक बढ़ गई थी। उस समय कांग्रेस सरकार संकट में आ गई थी और लंबे समय तक पार्टी के भीतर खींचतान का माहौल बना रहा। हालांकि बाद में कांग्रेस नेतृत्व के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ, लेकिन दोनों नेताओं के बीच मतभेद पूरी तरह समाप्त नहीं हुए।
हाल के दिनों में फिर से सचिन पायलट और गहलोत को लेकर राजनीतिक बयान सामने आने लगे हैं। ऐसे में भाजपा और अन्य विपक्षी नेता भी इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं। आचार्य प्रमोद कृष्णम का ताजा बयान भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राजस्थान की राजनीति में गहलोत और पायलट का मुद्दा आज भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कांग्रेस के भीतर नेतृत्व, संगठन और भविष्य की राजनीति को लेकर समय-समय पर यह विवाद सामने आता रहता है। ऐसे में भाजपा नेताओं द्वारा इस मुद्दे को उठाना राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम के बयान के बाद कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि कांग्रेस समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच सोशल मीडिया पर इस बयान को लेकर बहस तेज हो गई है। दोनों पक्ष अपने-अपने नेताओं के समर्थन में तर्क दे रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और भी बयान सामने आ सकते हैं। राजस्थान की राजनीति में गहलोत, पायलट और भाजपा नेताओं के बीच चल रही यह बयानबाजी आगामी चुनावी समीकरणों और राजनीतिक रणनीतियों को भी प्रभावित कर सकती है। फिलहाल आचार्य प्रमोद कृष्णम के ‘धृतराष्ट्र’ वाले बयान ने एक बार फिर राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है और कांग्रेस के अंदरूनी विवादों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।

