जानकारी के अनुसार यह घटना 3 मई की रात करीब डेढ़ बजे की है। चार इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स हवामहल के सामने रील और फोटो शूट करने पहुंचे थे। इनमें एक महिला एंकर, एक अन्य छात्रा और दो छात्र शामिल थे। इसी दौरान एक टैक्सी कार ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक पर बैठी छात्रा घायल हो गई। आरोप है कि टक्कर मारने के बाद ड्राइवर रुका नहीं, बल्कि रिवर्स में गाड़ी चलाते हुए छात्रों को कुचलने की कोशिश की और फिर मौके से फरार हो गया।

घटना का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें कार की टक्कर और ड्राइवर की हरकत साफ दिखाई दी। इसके बाद पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया। मामले को लेकर छात्रों ने आरोप लगाया था कि माणकचौक थाना पुलिस ने शुरू में उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और उन्हें लगातार थाने के चक्कर लगाने पड़े।

डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने बताया कि 5 मई को माणकचौक थाने में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी। पुलिस टीम ने हवामहल क्षेत्र का मौका मुआयना किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। आरोपी की पहचान और उसकी लोकेशन पता लगाने के लिए पुलिस ने करीब 300 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले।
जांच के दौरान सामने आया कि दुर्घटना में इस्तेमाल की गई टैक्सी कार का नंबर RJ14TG8523 है। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी आधार पर वाहन की ट्रैकिंग शुरू की। जांच में पता चला कि आरोपी वाहन लेकर सुभाष चौक, ब्रह्मपुरी और कोतवाली क्षेत्र से होता हुआ सांगानेर की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम को अलर्ट किया गया और आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीम रवाना की गई।

पुलिस ने शुक्रवार को मुहाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए आरोपी को कार सहित पकड़ लिया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि दुर्घटना के बाद आरोपी मौके से क्यों फरार हुआ और उसने घायलों की मदद क्यों नहीं की।
डीसीपी करण शर्मा के अनुसार जांच में यह भी सामने आया है कि टैक्सी ड्राइवर हवामहल के सामने फोटो लेने के उद्देश्य से रुका था। इसी दौरान उसने वाहन को बैंक साइड में मोड़ते समय लापरवाहीपूर्वक गाड़ी चलाई और स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे के बाद उसने न तो पुलिस को सूचना दी और न ही घायल छात्रा को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया।
घटना के बाद से ही इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स न्याय की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि शुरुआत में पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी और उन्हें उचित मदद नहीं मिली। बाद में जब मामला मीडिया और सोशल मीडिया पर उठा, तब पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की।
अब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद छात्रों और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली है। हालांकि वे चाहते हैं कि आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति लापरवाही और गैरजिम्मेदारी से लोगों की जान खतरे में डालने की हिम्मत न कर सके।


