Postmortem में नहीं मिली चोट, आले हसन मौत मामले में विसरा सुरक्षित
आले हसन मौत केस में नया मोड़, पुलिस जांच तेज
कासगंज के अमांपुर थाना क्षेत्र में नगला हाथी निवासी आले हसन की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। इस मामले में अब नया मोड़ तब आया जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर किसी भी प्रकार की बाहरी चोट नहीं मिलने की पुष्टि हुई। हालांकि मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आने के कारण चिकित्सकों ने विसरा सुरक्षित कर लिया है। वहीं मृतक के परिजनों ने फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और अब सभी की नजरें विसरा रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।

जानकारी के अनुसार अमांपुर थाना क्षेत्र के गांव नगला हाथी निवासी आले हसन पुत्र राजुद्दीन को 23 अप्रैल को एटा की एक फाइनेंस कंपनी के कुछ कर्मचारी अपने साथ ले गए थे। परिजनों का आरोप है कि फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी किसी किस्त अथवा लेनदेन के विवाद को लेकर आले हसन को जबरन अपने साथ ले गए थे। इसके बाद कई दिनों तक उसका कोई सुराग नहीं मिला। परिवार के लोग लगातार उसकी तलाश में जुटे रहे, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
परिजनों के मुताबिक 27 अप्रैल को गांव शेरपुर के पास एक मक्का के खेत में आले हसन गंभीर हालत में पड़ा मिला। सूचना मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंचे और तत्काल उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत नाजुक होने के कारण कई दिनों तक उसका इलाज चलता रहा, लेकिन आखिरकार दो मई को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों ने फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों पर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया।

मामले की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर किसी प्रकार की बाहरी चोट या मारपीट के निशान नहीं पाए गए। रिपोर्ट में एक्स्टर्नल इंजरी नहीं मिलने के कारण परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी। हालांकि चिकित्सकों ने मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आने पर विसरा सुरक्षित कर लिया है। अब विसरा जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि मौत किसी जहरीले पदार्थ, अंदरूनी चोट या अन्य किसी कारण से हुई है।

शुक्रवार को मृतक के भाई ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एसपी ओमप्रकाश सिंह से मुलाकात की और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उसके भाई के साथ गंभीर मारपीट की गई थी, जिससे उसकी हालत बिगड़ी और बाद में उसकी मौत हो गई। उसने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि परिवार को न्याय मिलना चाहिए।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश सिंह ने सहावर क्षेत्राधिकारी को पूरे प्रकरण की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। एसपी ने कहा कि मामले में उपलब्ध सभी साक्ष्यों, परिस्थितियों और तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी, ताकि वास्तविक सच्चाई सामने आ सके। पुलिस अब विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आले हसन की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसी प्रकार की आपराधिक साजिश या हिंसा शामिल थी या नहीं।
फिलहाल इस घटना को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं, जबकि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच करने की बात कह रही है। अब यह मामला पूरी तरह विसरा रिपोर्ट और पुलिस जांच पर टिका हुआ है, जिसके बाद ही मौत के पीछे की असली वजह सामने आ सकेगी।

