बरेली: SMACK तस्करी से कमाई 3.20 करोड़ की अवैध संपत्ति फ्रीज (जब्त), पिता-पुत्र पर पुलिस का बड़ा शिकंजा

बरेली, 24 जून 2026। थाना मीरगंज पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। स्मैक तस्करी से अवैध रूप से अर्जित की गई करीब 3 करोड़ 20 लाख 15 हजार रुपये की चल-अचल संपत्ति को पुलिस ने फ्रीज करा दिया है। यह कार्रवाई कुख्यात तस्कर पंकज उपाध्याय उर्फ पंकज शर्मा और उसके पुत्र रोहित शर्मा उर्फ हनी के खिलाफ की गई है।
SMACK तस्करी: क्या है पूरा मामला?
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मुकेश चंद्र मिश्रा ने प्रेस वार्ता में बताया कि ग्राम गुलड़िया निवासी पंकज उपाध्याय वर्ष 1999 से स्मैक तस्करी के धंधे में सक्रिय था। धीरे-धीरे उसने उत्तर प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली और मध्य प्रदेश तक अपना नेटवर्क फैला लिया। वर्ष 2021 के बाद उसने अपने पुत्र रोहित शर्मा को भी इस अवैध कारोबार में शामिल कर लिया। पिता-पुत्र की जोड़ी अंतरराज्यीय स्तर पर स्मैक की सप्लाई करती थी और पूरे मीरगंज क्षेत्र में इनका खौफ था।
NDPS एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मामलों की वित्तीय जांच में सामने आया कि दोनों ने स्मैक तस्करी की कमाई से करोड़ों की संपत्ति बनाई। इसके बाद जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर NDPS एक्ट की धारा 68-F के तहत कार्रवाई करते हुए संपत्ति फ्रीज की गई।
कौन-कौन सी संपत्ति हुई फ्रीज?
फ्रीज की गई संपत्तियों की वर्तमान बाजार कीमत लगभग 3.20 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसमें शामिल हैं:
संपत्ति का प्रकार |
विवरण |
अनुमानित कीमत |
|---|---|---|
|
प्लॉट |
मीरगंज और आसपास क्षेत्र में 4 बड़े प्लॉट |
∼2.85 करोड़ |
|
वाहन |
लग्जरी कार, SUV समेत 4 चार पहिया वाहन |
∼35.15 लाख |
|
कुल |
4 प्लॉट + 4 वाहन |
3.20 करोड़ |
पुलिस ने बताया कि इन सभी संपत्तियों को तस्करी की कमाई से खरीदा गया था। अब आरोपी इन्हें न तो बेच सकेंगे, न ही ट्रांसफर कर पाएंगे।
25 साल से फैला था नेटवर्क
जांच में खुलासा हुआ कि पंकज उपाध्याय पिछले 25 साल से स्मैक तस्करी में लिप्त था। वह यूपी, दिल्ली और एमपी के कई जिलों में स्मैक की सप्लाई करता था। उसके खिलाफ मीरगंज, फतेहगंज पश्चिमी, दिल्ली के नंदनगरी और मध्य प्रदेश के मुरैना में NDPS एक्ट, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट समेत 12 से अधिक गंभीर मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस का कहना है कि 2021 के बाद रोहित ने नेटवर्क संभालना शुरू कर दिया था। वह युवाओं को टारगेट कर स्मैक की छोटी-छोटी पुड़िया बेचता था और बड़े सप्लायरों से डील भी करता था।
पिता जेल में, बेटा फरार
फिलहाल पंकज उपाध्याय गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में बरेली जिला जेल में बंद है। वहीं उसका पुत्र रोहित शर्मा उर्फ हनी फरार चल रहा है। पुलिस ने रोहित पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है और उसकी तलाश में दिल्ली, हरियाणा और एमपी में दबिश दी जा रही है।
SSP बरेली अनुराग आर्य ने कहा, “बरेली पुलिस ‘नशा मुक्त बरेली’ अभियान के तहत जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ना हमारी प्राथमिकता है। इस कार्रवाई से अन्य तस्करों को भी कड़ा संदेश गया है।”
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने साफ किया कि पंकज और रोहित की अन्य बेनामी संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। बैंक खातों, लॉकर और निवेश की डिटेल खंगाली जा रही है। अगर और संपत्ति तस्करी से अर्जित पाई गई तो उसे भी जब्त किया जाएगा।
बरेली पुलिस ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक NDPS एक्ट के तहत 11.5 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त/फ्रीज की है। मीरगंज सर्किल में यह इस साल की सबसे बड़ी कार्रवाई है।
स्थानीय लोगों ने ली राहत की सांस
गुलड़िया और मीरगंज क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पंकज और उसके बेटे के खौफ से युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे थे। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद लोगों ने राहत महसूस की है। स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने बताया, “इन लोगों की वजह से हमारे बच्चों का भविष्य खराब हो रहा था। पुलिस ने बहुत अच्छा काम किया है।”
नोट: NDPS एक्ट की धारा 68-F के तहत अगर कोई व्यक्ति नशीले पदार्थों की तस्करी से संपत्ति अर्जित करता है, तो सरकार उसे फ्रीज या जब्त कर सकती है। इसके लिए आरोपी को यह साबित करना होता है कि संपत्ति वैध आय से खरीदी गई है।

