Rajasthan में भीषण गर्मी जारी, कई शहरों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस पार पहुंचा
Rajasthan इस समय भीषण गर्मी और हीटवेव की चपेट में है। मई के महीने में सूरज की तपिश लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बुधवार को प्रदेश के अधिकांश शहरों में तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान किया। सुबह से ही आसमान साफ रहने और तेज धूप निकलने के कारण तापमान तेजी से बढ़ा। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आया और लोग घरों में रहने को मजबूर हो गए।

राज्य के कई शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। कोटा, चित्तौड़गढ़, पिलानी (झुंझुनूं) और अलवर जैसे शहरों में गर्मी ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए। सबसे अधिक तापमान श्रीगंगानगर में दर्ज हुआ, जहां पारा 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। इतनी भीषण गर्मी के कारण लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर दिन के समय भीड़ कम दिखाई दे रही है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार से पांच दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना बहुत कम है। प्रदेश के आधे से अधिक हिस्सों में हीटवेव को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों में तापमान और बढ़ सकता है। गर्म हवाएं चलने से लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और लू लगने के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
गर्मी का सबसे ज्यादा असर मजदूर वर्ग, रिक्शा चालकों और खुले में काम करने वाले लोगों पर पड़ रहा है। तेज धूप के कारण दोपहर में काम करना मुश्किल हो गया है। स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि लोग बिना जरूरी काम के दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर न निकलें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है।
प्रदेश में बिजली की मांग भी लगातार बढ़ रही है। लोग गर्मी से राहत पाने के लिए कूलर, पंखे और एयर कंडीशनर का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे कई शहरों में बिजली खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती की समस्या लोगों की परेशानी और बढ़ा रही है। पानी की कमी भी कई इलाकों में चिंता का कारण बनती जा रही है।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण हर साल गर्मी का असर अधिक देखने को मिल रहा है। तापमान में लगातार वृद्धि और बारिश की अनियमितता के कारण हीटवेव की घटनाएं बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
राजस्थान में फिलहाल गर्मी से राहत के कोई संकेत नहीं दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी और सतर्कता के साथ इस भीषण गर्मी का सामना करना होगा। प्रशासन भी लोगों को जागरूक करने और जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने में जुटा हुआ है, ताकि हीटवेव का असर कम किया जा सके।

