Rajasthan Urban Body Elections 2026: निकाय चुनाव की तैयारी तेज, जिला कलेक्टरों को वार्ड आरक्षण की जिम्मेदारी

जयपुर। राजस्थान में लंबे समय से लंबित नगरीय निकाय चुनावों को लेकर राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। स्वायत्त शासन विभाग (DLB) ने प्रदेश के 309 नगर निकायों में चुनावी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए नई अधिसूचना जारी करते हुए सभी जिला कलेक्टरों को वार्डों के वर्गवार और महिला आरक्षण की लॉटरी निकालने का अधिकार सौंप दिया है। राजस्थान हाईकोर्ट की समय-सीमा और सख्त निर्देशों के बाद सरकार ने चुनाव प्रक्रिया को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तेजी से काम शुरू कर दिया है।
जारी आदेश के अनुसार, प्रत्येक जिले में संबंधित जिला कलेक्टर स्थानीय स्तर पर अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अनारक्षित वर्ग और महिलाओं के लिए आरक्षित वार्डों का निर्धारण पारदर्शी लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से करेंगे। इस निर्णय के बाद प्रदेशभर में निकाय चुनावों की तैयारियां औपचारिक रूप से शुरू हो गई हैं।
वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया कैसे होगी?
स्वायत्त शासन विभाग ने आरक्षण प्रक्रिया को दो स्तरों पर विभाजित किया है। नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका के वार्डों का वर्गवार आरक्षण और महिला आरक्षण संबंधित जिला कलेक्टर अपने जिले में लॉटरी निकालकर तय करेंगे। वहीं नगर निगमों के महापौर, नगर परिषदों के सभापति और नगर पालिकाओं के अध्यक्ष पदों का आरक्षण राज्य स्तर पर जयपुर स्थित स्वायत्त शासन विभाग द्वारा लॉटरी के माध्यम से निर्धारित किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से आरक्षण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और स्थानीय स्तर पर समयबद्ध तरीके से पूरी की जा सकेगी।
Rajasthan Urban Body Elections 2026: निकाय चुनाव क्यों हैं महत्वपूर्ण?
राजस्थान के कई नगरीय निकायों का कार्यकाल समाप्त हुए काफी समय बीत चुका है। चुनाव नहीं होने के कारण कई निकायों में प्रशासनिक व्यवस्थाएं प्रभावित हुई हैं और स्थानीय विकास कार्यों की गति भी धीमी पड़ी है। ऐसे में चुनाव कराकर जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को जिम्मेदारी सौंपना आवश्यक माना जा रहा है।
जिला कलेक्टरों को अधिकार मिलने के बाद अब वार्ड स्तर पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। स्थानीय स्तर पर बैठकों और संगठनात्मक गतिविधियों में तेजी देखने को मिल रही है।
OBC ट्रिपल टेस्ट के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
स्थानीय निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को आरक्षण देने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित ‘ट्रिपल टेस्ट’ प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। इसके तहत राज्य में ओबीसी सर्वे कराया जा रहा है, जिसकी अंतिम रिपोर्ट 5 अगस्त 2026 तक सरकार को सौंपे जाने की संभावना है।
रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार आरक्षण से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी करेगी। लक्ष्य है कि 15 अगस्त 2026 तक वार्ड आरक्षण और लॉटरी की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि चुनाव कार्यक्रम समय पर जारी किया जा सके।
संभावित चुनावी कार्यक्रम
राज्य सरकार द्वारा हाईकोर्ट में प्रस्तुत संभावित टाइमलाइन के अनुसार 17 अगस्त 2026 तक चुनाव संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। इसके बाद 22 अगस्त 2026 को राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर सकता है। यदि सभी तैयारियां समय पर पूरी होती हैं तो सितंबर 2026 में प्रदेशभर के नगरीय निकायों में मतदान कराया जा सकता है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्थानीय निकाय और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव 15 नवंबर 2026 तक हर हाल में संपन्न कराए जाएं। इसी समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए सरकार और प्रशासनिक मशीनरी तेजी से काम कर रही है।
Rajasthan Urban Body Elections 2026: राजनीतिक हलचल भी तेज
निकाय चुनावों की आहट के साथ ही प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। विभिन्न राजनीतिक दल संभावित उम्मीदवारों की तलाश, संगठन को मजबूत करने और स्थानीय समीकरणों को साधने में जुट गए हैं। वार्ड आरक्षण तय होने के बाद कई क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरण बदलने की भी संभावना जताई जा रही है।
स्वायत्त शासन विभाग की नई अधिसूचना के साथ राजस्थान में नगरीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया निर्णायक चरण में पहुंच गई है। जिला कलेक्टरों को वार्ड आरक्षण की जिम्मेदारी मिलने से चुनावी तैयारियों को गति मिलेगी। अब सभी की नजर OBC सर्वे रिपोर्ट, आरक्षण प्रक्रिया और राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी होने वाले चुनाव कार्यक्रम पर टिकी है। यदि निर्धारित समय-सीमा का पालन होता है तो प्रदेश में सितंबर के दौरान निकाय चुनावों की शुरुआत हो सकती है और लंबे समय बाद जनता अपने स्थानीय प्रतिनिधियों का चुनाव कर सकेगी।

