Rajasthan Panchayat Election 2026: हाई कोर्ट की सख्ती के बाद जल्द घोषित हो सकती हैं पंचायत और निकाय चुनाव की तारीखें

Rajasthan Panchayat Election 2026 को लेकर लंबे समय से चल रही अनिश्चितता अब खत्म होती नजर आ रही है। राजस्थान हाई कोर्ट ने पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों में हो रही देरी पर राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि यदि समय पर चुनाव नहीं कराए गए तो न्यायपालिका हस्तक्षेप करने से भी पीछे नहीं हटेगी।
राज्य में हजारों ग्राम पंचायतों और सैकड़ों नगरीय निकायों के चुनाव लंबे समय से लंबित हैं। इस वजह से स्थानीय निकायों में लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। अब हाई कोर्ट ने 20 जुलाई तक चुनाव कार्यक्रम, आरक्षण प्रक्रिया और ओबीसी आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
Rajasthan Panchayat Election 2026: हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने चुनाव में लगातार हो रही देरी पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि निर्वाचन आयोग चुनाव कराने में सक्षम नहीं है तो अदालत स्वयं व्यवस्था सुनिश्चित कर सकती है।
कोर्ट ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं में चुनाव समय पर होना अनिवार्य है और प्रशासनिक कारणों का सहारा लेकर प्रक्रिया को अनिश्चितकाल तक नहीं टाला जा सकता।
सरकार ने क्या कहा?
राज्य सरकार ने अदालत से समय बढ़ाने का अनुरोध किया। सरकार का कहना था कि ओबीसी राजनीतिक आरक्षण से जुड़ी रिपोर्ट अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए 31 जुलाई तक चुनाव कराना संभव नहीं होगा।
सरकार ने अदालत से अतिरिक्त समय देने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने इस पर असंतोष व्यक्त किया।
राज्य निर्वाचन आयोग ने क्या बताया?
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए राज्य निर्वाचन आयुक्त ने अदालत को बताया कि—
- ईवीएम तैयार हैं।
- मतदाता सूची तैयार है।
- अधिकांश चुनावी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।
- केवल आरक्षण संबंधी जानकारी संबंधित विभागों से नहीं मिली है।
आयोग ने यह भी कहा कि संबंधित विभागों को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं।
Rajasthan Panchayat Election 2026 में देरी की वजह
ओबीसी आरक्षण रिपोर्ट
चुनाव में सबसे बड़ी बाधा ओबीसी राजनीतिक आरक्षण को लेकर तैयार की जा रही रिपोर्ट है।
अदालत ने पूछा कि जब आयोग केवल तीन महीने के लिए बनाया गया था तो एक वर्ष बाद भी रिपोर्ट क्यों पूरी नहीं हुई।
हाई कोर्ट ने अधिकारियों को दिए ये निर्देश
कोर्ट ने सोमवार तक निम्न कार्य पूरे करने को कहा—
- चुनाव कार्यक्रम तैयार करें।
- ओबीसी आयोग की रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
- आरक्षण की लॉटरी निकालें।
- संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित रहें।
कितने क्षेत्रों में चुनाव लंबित?
प्रदेश में—
- लगभग 14 हजार ग्राम पंचायतें
- 300 से अधिक नगरीय निकाय
इन सभी स्थानों पर चुनाव होने बाकी हैं।
बताया गया कि—
- पंचायत चुनाव लगभग 50 दिनों में
- निकाय चुनाव लगभग 40 दिनों में
संपन्न कराए जा सकते हैं।
अदालत ने आयोग से क्या पूछा?
सुनवाई के दौरान अदालत ने कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए—
- तीन महीने का आयोग एक साल तक क्या कर रहा था?
- हाई कोर्ट की समयसीमा से अलग नई तारीख कैसे तय की गई?
- क्या ओबीसी रिपोर्ट के बिना चुनाव संभव नहीं हैं?
इन सवालों के जवाब अब अगली सुनवाई में मांगे गए हैं।
सोमवार की सुनवाई होगी अहम
20 जुलाई को होने वाली अगली सुनवाई में—
- चुनाव की संभावित तारीख
- आरक्षण प्रक्रिया
- ओबीसी रिपोर्ट
- अवमानना याचिकाएं
सभी मुद्दों पर संयुक्त रूप से सुनवाई होगी।
राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से यह सुनवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था पर असर
स्थानीय निकाय चुनाव समय पर नहीं होने से विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है। पंचायत और नगर निकाय स्थानीय प्रशासन की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं। ऐसे में चुनाव में लगातार देरी ग्रामीण विकास, शहरी योजनाओं और जनप्रतिनिधित्व को प्रभावित कर रही है।
Rajasthan Panchayat Election 2026 को लेकर अब स्थिति निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। हाई कोर्ट के सख्त रुख के बाद माना जा रहा है कि राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग जल्द चुनाव कार्यक्रम घोषित कर सकते हैं। अब सभी की नजर 20 जुलाई की सुनवाई पर टिकी है, जहां राजस्थान के पंचायत और निकाय चुनावों की दिशा लगभग तय हो सकती है।

