Rajasthan ED Raid: महादेव ट्रेडिंग मामले में श्रीगंगानगर और जयपुर सहित कई ठिकानों पर ED की छापेमारी

Rajasthan ED Raid के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े चर्चित महादेव ट्रेडिंग प्रकरण में राजस्थान सहित कई राज्यों में एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया। जांच एजेंसी ने धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई करते हुए श्रीगंगानगर और जयपुर समेत विभिन्न स्थानों पर दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की जांच शुरू की है।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई ED के पटना क्षेत्रीय कार्यालय की निगरानी में की जा रही है। फिलहाल एजेंसी ने मामले को लेकर कोई आधिकारिक प्रेस नोट जारी नहीं किया है।
Rajasthan ED Raid में किन-किन स्थानों पर हुई कार्रवाई?
सूत्रों के मुताबिक राजस्थान में कुल पांच स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया।
श्रीगंगानगर में चार परिसरों पर जांच
ED की टीमों ने श्रीगंगानगर में कारोबारी एवं पूर्व कांग्रेस नेता रहे अशोक चांडक से जुड़े चार परिसरों पर दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की।
जयपुर के वैशाली नगर में भी सर्च
राजधानी जयपुर के वैशाली नगर स्थित एक आवासीय परिसर में भी जांच एजेंसी की टीम पहुंची, जहां संबंधित परिवारजनों से पूछताछ और दस्तावेजों की पड़ताल की गई।
Mahadev Trading मामले में क्या जांच कर रही है ED?
प्रवर्तन निदेशालय कथित वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहा है।
जांच के दौरान एजेंसी द्वारा:
- बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच
- डिजिटल डेटा का विश्लेषण
- मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर की जांच
- वित्तीय दस्तावेजों का सत्यापन
- कारोबारी लेन-देन का मिलान
जैसी प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं।
कौन हैं अशोक चांडक?
राजनीतिक पृष्ठभूमि
अशोक चांडक पहले कांग्रेस से जुड़े रहे।
- वर्ष 2018 में श्रीगंगानगर विधानसभा चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ा।
- बाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए।
- वर्तमान में भाजपा से जुड़े राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय बताए जाते हैं।
कारोबारी प्रोफाइल
अशोक चांडक का नाम राजस्थान के प्रमुख कारोबारियों में लिया जाता है।
उनका व्यवसाय मुख्य रूप से—
- होटल उद्योग
- कृषि
- रियल एस्टेट
- ट्रेडिंग
से जुड़ा बताया जाता है।
परिवार भी चर्चा में क्यों रहा?
उनकी पत्नी करुणा चांडक स्थानीय निकाय राजनीति में सक्रिय रही हैं और पूर्व में नगर परिषद की सभापति रह चुकी हैं।
परिवार पूर्व में कथित रंगदारी की धमकी मिलने के मामले को लेकर भी चर्चा में रहा था।
लोकसभा चुनाव से पहले भी मिला था नोटिस
सूत्रों के अनुसार लोकसभा चुनाव 2024 से पहले ED ने अशोक चांडक को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया था।
इसके बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की थी।
हालांकि वर्तमान कार्रवाई और उस नोटिस के बीच संबंध को लेकर ED की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।
जांच में किन पहलुओं पर फोकस?
जांच एजेंसी निम्न बिंदुओं की जांच कर रही है—
- संदिग्ध वित्तीय लेन-देन
- कथित मनी लॉन्ड्रिंग
- बैंक खातों का विश्लेषण
- डिजिटल साक्ष्य
- व्यापारिक रिकॉर्ड
- टैक्स संबंधी दस्तावेज
आधिकारिक बयान का इंतजार
अब तक ED ने छापेमारी को लेकर जब्त नकदी, दस्तावेज या अन्य बरामदगी का कोई आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया है।
जांच पूरी होने के बाद एजेंसी द्वारा विस्तृत जानकारी साझा किए जाने की संभावना है।
फिलहाल कार्रवाई जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।
यदि जांच में धनशोधन या अन्य वित्तीय अनियमितताओं के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो प्रवर्तन निदेशालय PMLA के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकता है।
हालांकि मामले में अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

