पंचतत्व में विलीन हुए Prateek Yadav, हजारों समर्थकों ने दी अंतिम विदाई
अखिलेश यादव के भाई प्रतीक का अंतिम संस्कार, परिवार और समर्थक हुए भावुक
समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav के छोटे भाई Prateek Yadav गुरुवार दोपहर पंचतत्व में विलीन हो गए। लखनऊ में पूरे राजकीय और पारिवारिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिवार, रिश्तेदार, राजनीतिक नेताओं और हजारों समर्थकों की मौजूदगी ने माहौल को बेहद भावुक बना दिया। अंतिम यात्रा में शामिल लोग लगातार “ Prateek Yadav अमर रहें” के नारे लगाते रहे।

अंतिम संस्कार के दौरान पत्नी Aparna Yadav के पिता अरविंद सिंह बिष्ट Prateek Yadav ने चिता को मुखाग्नि दी। वहीं अखिलेश यादव ने भाई की चिता पर लकड़ी रखकर अंतिम प्रणाम किया। प्रतीक की दोनों बेटियां भी श्मशान घाट पर मौजूद रहीं और उन्होंने भी अपने पिता की चिता पर लकड़ी रखी। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भावुक कर गया।
हालांकि अंतिम संस्कार कराने वाले पंडित ध्रुव कुमार तिवारी ने कहा था कि यदि अखिलेश यादव या उनके बेटे से मुखाग्नि दिलाई जाती तो परंपरा के अनुसार अधिक उचित माना जाता। बावजूद इसके परिवार ने आपसी सहमति से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की।
इससे पहले सुबह Prateek Yadav का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर रखा गया। परिवार के सदस्य पूरी रात उनके पार्थिव शरीर के पास बैठे रहे। पत्नी अपर्णा यादव अपनी दोनों बेटियों के साथ लगातार वहीं मौजूद रहीं। समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और समर्थक श्रद्धांजलि देने पहुंचे।

उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम Keshav Prasad Maurya और Brajesh Pathak ने भी पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके अलावा Shivpal Singh Yadav और Dimple Yadav ने भी अंतिम दर्शन किए।
Prateek Yadav की अंतिम यात्रा में हजारों समर्थक शामिल हुए। सपा कार्यालय के पास शव को कुछ देर के लिए जमीन पर रखा गया। हिंदू परंपरा के अनुसार श्मशान घाट पहुंचने से पहले शव को पांच बार जमीन पर रखा जाता है। इस दौरान लोगों ने भावुक होकर श्रद्धांजलि दी। शिवपाल यादव के बेटे आदित्य यादव ने भी शव को कंधा दिया।
Prateek Yadav को जानवरों से बेहद लगाव था। वे एनिमल लवर के रूप में भी पहचाने जाते थे। अंतिम यात्रा के दौरान शव वाहन पर उनकी डॉग्स और बंदर के साथ तस्वीर लगाई गई थी, जिसने लोगों का ध्यान खींचा। सोशल मीडिया पर भी उनकी यह तस्वीर काफी वायरल हो रही है।

Prateek Yadav का बुधवार सुबह करीब 6 बजे निधन हो गया था। वह केवल 38 वर्ष के थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह कार्डिएक अरेस्ट बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार उनके शरीर पर कुल 6 चोटों के निशान मिले। इनमें से तीन चोटें लगभग सात दिन पुरानी थीं, जबकि तीन चोटें एक दिन पुरानी बताई गईं। डॉक्टरों ने विसरा सुरक्षित रख लिया है ताकि आगे जरूरत पड़ने पर विस्तृत जांच की जा सके।
डॉक्टरों के मुताबिक Prateek Yadav लंबे समय से फेफड़ों की गंभीर बीमारी पल्मोनरी एम्बोलिज्म से जूझ रहे थे। इस बीमारी में खून का थक्का फेफड़ों में जाकर ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित कर देता है, जिससे जान का खतरा बढ़ जाता है। बताया जा रहा है कि बीते 13 दिनों में उन्हें दो बार हार्ट अटैक आया था।
इससे पहले 30 अप्रैल को लखनऊ एयरपोर्ट पर भी प्रतीक अचानक चलते-चलते गिर पड़े थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने हार्ट अटैक की पुष्टि की थी। उस समय मेदांता हॉस्पिटल में उनका इलाज किया गया था।
Prateek Yadav , समाजवादी पार्टी के संस्थापक Mulayam Singh Yadav की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। साधना गुप्ता की पहली शादी 1986 में चंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी और 1987 में प्रतीक का जन्म हुआ। बाद में 1990 में दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद साधना गुप्ता और मुलायम सिंह यादव करीब आए और 2003 में दोनों ने शादी कर ली। उसी दौरान मुलायम सिंह ने सार्वजनिक रूप से प्रतीक को अपने बेटे का दर्जा दिया था।
प्रतीक यादव ने ब्रिटेन की लीड्स यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी। उन्हें महंगी कारों और सुपर बाइक्स का बेहद शौक था। हालांकि राजनीतिक परिवार से जुड़े होने के बावजूद उन्होंने राजनीति से दूरी बनाए रखी। वे रियल एस्टेट और फिटनेस बिजनेस से जुड़े हुए थे।
पत्नी अपर्णा यादव भाजपा की नेता हैं और वर्तमान में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। प्रतीक और अपर्णा की शादी करीब 14 साल पहले हुई थी और उनकी दो बेटियां हैं। कुछ समय पहले दोनों के रिश्तों में तनाव की खबरें भी सामने आई थीं। जनवरी में प्रतीक ने सोशल मीडिया पर तलाक की घोषणा कर दी थी, लेकिन नौ दिन बाद दोनों में सुलह हो गई थी। उन्होंने अपर्णा के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा था – “All is Good” यानी सब अच्छा है।
Prateek Yadav के निधन से यादव परिवार, समाजवादी पार्टी और उनके करीबियों में शोक की लहर है। समर्थकों और नेताओं ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी है।
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