NHAI Digital Local Pass: राजस्थान में घर बैठे बनेगा लोकल टोल पास, RajmargYatra ऐप से मिलेगी नई डिजिटल सुविधा

जयपुर। NHAI Digital Local Pass जल्द ही राजस्थान के लाखों वाहन चालकों और टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले स्थानीय निवासियों के लिए बड़ी राहत लेकर आने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने अपने आधिकारिक RajmargYatra मोबाइल ऐप में नई डिजिटल सुविधा जोड़ते हुए Digital Local Pass और MargMitra हेल्प सेंटर लॉन्च किया है। इस सुविधा के लागू होने के बाद स्थानीय लोगों को टोल प्लाजा के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वे घर बैठे कुछ ही मिनटों में ऑनलाइन लोकल टोल पास बनवा सकेंगे।
फिलहाल इस सुविधा की शुरुआत दिल्ली के मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा से की गई है। आगामी चरणों में इसे राजस्थान सहित देशभर के प्रमुख टोल प्लाजा पर लागू किया जाएगा। जयपुर, अजमेर, कोटा, दौसा, कोटपूतली, शाहजहांपुर और अन्य प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास रहने वाले लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
NHAI Digital Local Pass क्या है?
NHAI Digital Local Pass राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की नई डिजिटल सुविधा है, जिसके माध्यम से टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय निवासी ऑनलाइन रियायती लोकल पास प्राप्त कर सकेंगे।
पहले इस सुविधा के लिए लोगों को आधार कार्ड, वाहन पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) और निवास प्रमाण पत्र लेकर टोल प्लाजा कार्यालय जाना पड़ता था। अब पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो जाएगी और मोबाइल ऐप के माध्यम से कुछ ही मिनटों में पूरी की जा सकेगी।
घर बैठे 2-3 मिनट में बनेगा लोकल टोल पास
नई व्यवस्था लागू होने के बाद स्थानीय वाहन मालिकों को केवल RajmargYatra ऐप डाउनलोड करना होगा।
इसके बाद—
- वाहन नंबर दर्ज करें।
- मोबाइल नंबर से लॉगिन करें।
- आवश्यक दस्तावेज डिजिटल रूप से सत्यापित होंगे।
- पात्रता जांच पूरी होने के बाद ऑनलाइन लोकल पास जारी कर दिया जाएगा।
इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
कैसे होगा ऑनलाइन वेरिफिकेशन?
DigiLocker और VAHAN डेटाबेस से सीधा कनेक्शन
नई डिजिटल प्रणाली को भारत सरकार के DigiLocker और VAHAN डेटाबेस से जोड़ा गया है।
इससे—
- वाहन की RC
- वाहन स्वामी की जानकारी
- पता
- FASTag विवरण
स्वचालित रूप से सिस्टम में उपलब्ध हो जाएंगे।
GIS तकनीक से होगी पात्रता की जांच
ऐप में GIS आधारित लोकेशन तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
सिस्टम यह स्वतः जांच करेगा कि वाहन मालिक का निवास संबंधित टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर की सीमा के भीतर है या नहीं।
यदि पात्रता पूरी होती है, तो डिजिटल लोकल पास तुरंत जारी किया जाएगा।
MargMitra: 22 भाषाओं में मिलेगी तुरंत सहायता
NHAI ने यात्रियों की सुविधा के लिए MargMitra नाम से नया डिजिटल हेल्प सेंटर भी शुरू किया है।
इस प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ता हिंदी, अंग्रेज़ी सहित 22 भारतीय भाषाओं में सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
MargMitra से कौन-कौन सी सेवाएं मिलेंगी?
इस सुविधा के माध्यम से उपयोगकर्ता—
- FASTag Recharge
- FASTag KYC
- FASTag Blacklisting
- Refund Status
- Toll Pass Services
- शिकायत दर्ज करना
- दुर्घटना की सूचना देना
- सड़क पर अवरोध या अतिक्रमण की शिकायत
- वाहन खराब होने की सूचना
जैसी सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।
रियल टाइम शिकायत ट्रैकिंग सुविधा
यदि हाईवे पर—
- दुर्घटना होती है
- वाहन खराब हो जाता है
- सड़क पर अवरोध मिलता है
- अतिक्रमण दिखाई देता है
तो उपयोगकर्ता फोटो और लोकेशन के साथ शिकायत दर्ज कर सकेंगे।
शिकायत की स्थिति भी ऐप के माध्यम से रियल टाइम ट्रैक की जा सकेगी।
राजस्थान के किन लोगों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
राजस्थान देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क वाले राज्यों में शामिल है।
इस नई सुविधा से विशेष रूप से लाभ मिलेगा—
- जयपुर
- अजमेर
- कोटा
- दौसा
- कोटपूतली
- बहरोड़
- शाहजहांपुर
- मनोहरपुर
- बीकानेर
- जोधपुर
के टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले स्थानीय नागरिकों, किसानों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों को।
समय और ईंधन दोनों की होगी बचत
नई डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद—
- टोल कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी।
- दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।
- लंबी कतारों से राहत मिलेगी।
- समय और ईंधन की बचत होगी।
- पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
डिजिटल इंडिया को मिलेगा बढ़ावा
NHAI की यह पहल केंद्र सरकार के Digital India अभियान को भी मजबूती देगी। डिजिटल सेवाओं के विस्तार से टोल प्रबंधन अधिक आधुनिक और पारदर्शी बनेगा। साथ ही यात्रियों को बेहतर अनुभव और तेज सेवाएं उपलब्ध होंगी।
राजस्थान में कब होगी शुरुआत?
फिलहाल यह सुविधा दिल्ली के मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा पर शुरू की गई है। NHAI के अनुसार आने वाले चरणों में इसे राजस्थान सहित देशभर के सभी प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग टोल प्लाजा पर लागू किया जाएगा।
राजस्थान में इसके लागू होने के बाद लाखों स्थानीय वाहन चालकों को डिजिटल लोकल पास का लाभ मिलेगा।

