National Teachers Award 2026: PM मोदी ने शिक्षकों से पूछा- पब्लिक स्पीकिंग का कॉन्फिडेंस कैसे आएगा?
नई दिल्ली। शिक्षक दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित शिक्षकों से संवाद किया। इस दौरान पीएम मोदी ने शिक्षकों के अनुभव जाने और शिक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की। बातचीत का एक वीडियो प्रधानमंत्री के यूट्यूब चैनल पर भी जारी किया गया है।
संवाद के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक महिला शिक्षक से पब्लिक स्पीकिंग को लेकर सवाल किया। पीएम ने उनसे कहा कि अगर वे उनके स्कूल के छात्र होते और एक बेहतर वक्ता बनना चाहते, तो उन्हें किन बातों पर ध्यान देना चाहिए?
महिला शिक्षक ने जवाब दिया कि एक अच्छा वक्ता बनने के लिए सबसे पहले आत्मविश्वास यानी कॉन्फिडेंस जरूरी है। इस पर पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए पूछा कि आखिर यह कॉन्फिडेंस आएगा कैसे? शिक्षक ने बताया कि इसके लिए लगातार अभ्यास करना जरूरी है।

82 शिक्षकों और एजुकेटर्स का राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयन
इस साल अलग-अलग क्षेत्रों से कुल 82 शिक्षकों और एजुकेटर्स को National Teachers Award के लिए चुना गया है। इनमें 48 स्कूली शिक्षक, उच्च शिक्षण संस्थानों और पॉलिटेक्निक से जुड़े 21 फैकल्टी सदस्य तथा कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के 13 स्किल ट्रेनर शामिल हैं।
इन शिक्षकों का चयन देश के अलग-अलग हिस्सों से किया गया है। चयनित शिक्षकों में 27 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षक शामिल हैं।
पीएम मोदी ने स्क्रीन टाइम को लेकर जताई चिंता
शिक्षकों के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि आज स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल बच्चों के लिए एक तरह की आदत या लत का रूप लेता जा रहा है।
पीएम ने सुझाव दिया कि बच्चों को वास्तविक खेलों की तरफ प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। मैदान में जाकर खेल खेलने से बच्चों की रुचि दूसरी गतिविधियों में बढ़ सकती है और वे लगातार स्क्रीन देखने की आदत से बाहर निकल सकते हैं।

ड्रेस कोड पर भी हुई चर्चा
बातचीत में शिक्षण संस्थानों में ड्रेस कोड से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ बड़े शहरों और विश्वविद्यालयों में इस तरह के मामले सामने आते हैं। कई बार नियमों के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं होने से भी भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
उन्होंने नियम लागू करने के साथ-साथ विद्यार्थियों और संस्थानों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया।
बच्चों के व्यवहार में बदलाव को समझें शिक्षक
प्रधानमंत्री मोदी ने शिक्षकों से बच्चों के व्यवहार में होने वाले बदलावों पर भी नजर रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि आज के दौर में बच्चों के मन में कई तरह की आशंकाएं और दबाव हो सकते हैं।
ऐसे में शिक्षकों के लिए जरूरी है कि वे विद्यार्थियों के व्यवहार में आने वाले बदलावों को समझें और यह पहचानने की कोशिश करें कि किन परिस्थितियों या गतिविधियों का उनके व्यवहार पर असर पड़ रहा है।
शिक्षकों से संवाद में दिखा हल्का-फुल्का अंदाज
प्रधानमंत्री मोदी ने चयनित शिक्षकों से बातचीत के दौरान कई मौकों पर हल्के-फुल्के अंदाज में भी संवाद किया। उन्होंने शिक्षकों से उनके अनुभवों के बारे में सवाल किए और विद्यार्थियों की खूबियों तथा चुनौतियों पर चर्चा की।
इस दौरान महिला शिक्षकों के साथ भी पीएम ने छात्रों की पढ़ाई, व्यवहार और उनकी जरूरतों से जुड़े विषयों पर बातचीत की।
2024 में भी पुरस्कार विजेता शिक्षकों से मिले थे PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इससे पहले भी National Teachers Award पाने वाले शिक्षकों से मुलाकात कर चुके हैं। वर्ष 2024 में शिक्षकों के साथ संवाद के दौरान तमिलनाडु से आई एक शिक्षिका ने स्थानीय भाषा में पढ़ाई को लेकर अपनी बात रखी थी।
इस पर प्रधानमंत्री ने मातृभाषा में शिक्षा के महत्व का उल्लेख किया था और नई शिक्षा नीति में भारतीय भाषाओं पर दिए गए जोर की बात कही थी।
2025 में शिक्षकों से GST और आत्मनिर्भर भारत पर चर्चा
वर्ष 2025 में भी शिक्षक दिवस से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों से मुलाकात की थी। उस दौरान शिक्षकों के साथ शिक्षा के अलावा GST सुधार, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े कानून और आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई थी।
इस बार भी प्रधानमंत्री के संवाद में शिक्षा व्यवस्था के साथ बच्चों के बदलते व्यवहार, स्क्रीन टाइम और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास जैसे मुद्दे प्रमुख रहे।
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