जयपुर नाहरगढ़ टाइगर हमला: महिला की मौत से मचा हड़कंप
जयपुर नाहरगढ़ टाइगर हमला मामले ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में घास काटने के लिए गई एक महिला पर टाइगर ने हमला कर दिया। गंभीर हमले में महिला की मौत हो गई। घटना के बाद पार्क में काम करने वाले कर्मचारियों और मजदूरों में भी दहशत का माहौल है।
मृतका की पहचान सुगना देवी के रूप में हुई है। वह अन्य महिला मजदूरों के साथ पार्क में काम करने पहुंची थीं। इसी दौरान टाइगर के एन्क्लोजर का गेट खोला गया और अचानक बाघ ने वहां मौजूद महिलाओं पर हमला कर दिया।
घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जिम्मेदारी तय करने की बात कही गई है।

जयपुर नाहरगढ़ टाइगर हमला कैसे हुआ?
जानकारी के अनुसार, सुगना देवी करीब छह अन्य महिला मजदूरों के साथ सुबह नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क पहुंची थीं। महिलाएं पार्क क्षेत्र में घास काटने का काम कर रही थीं।
बताया जा रहा है कि सुबह करीब 8:30 से 8:45 बजे के बीच टाइगर को डिस्प्ले एरिया में भेजने के लिए एन्क्लोजर का कराल गेट खोला गया। इसी दौरान बाघ बाहर आया और वहां काम कर रही महिलाओं की ओर बढ़ गया।
बाघ को अपनी तरफ आता देखकर महिलाएं घबरा गईं और जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगीं। सुगना देवी पीछे रह गईं। इसी दौरान टाइगर ने उन्हें पकड़ लिया और गंभीर रूप से घायल कर दिया।
हमले में सुगना देवी की मौके पर ही मौत हो गई।

घास काटने गई थीं सुगना देवी
सुगना देवी परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में अहम भूमिका निभा रही थीं। उनके पति शंभु दयाल के मुताबिक, करीब डेढ़ साल पहले एक हादसे में वह गंभीर रूप से झुलस गए थे।
हादसे के बाद से उन्हें खड़े होने और सामान्य तरीके से काम करने में परेशानी होती है। ऐसे में परिवार के खर्च की जिम्मेदारी काफी हद तक सुगना देवी के कंधों पर आ गई थी।
परिवार का कहना है कि वह मजदूरी करके घर चलाने में मदद करती थीं। उनकी अचानक मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
महिलाओं ने भागकर बचाई जान
घटना की प्रत्यक्षदर्शी महिलाओं ने बताया कि बाघ को देखकर सभी ने अपनी जान बचाने के लिए भागना शुरू कर दिया था।
एक महिला मजदूर के अनुसार, जब उन्हें पता चला कि टाइगर एन्क्लोजर से बाहर आ गया है तो उन्होंने उसे दूर रखने की कोशिश की। लेकिन बाघ तेजी से उनकी तरफ बढ़ रहा था।
डर के कारण महिलाएं पेड़ों और जाली पर चढ़ गईं। कुछ महिलाएं किसी तरह खुद को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में कामयाब रहीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुगना देवी सबसे पीछे रह गई थीं। इसी वजह से बाघ ने उन्हें पकड़ लिया।
महिलाओं ने बताया कि घटना के बाद वे काफी डर गई हैं। उनका कहना है कि अगर बाघ एन्क्लोजर क्षेत्र से आगे निकल जाता तो स्थिति और ज्यादा गंभीर हो सकती थी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सुगना देवी के दो बेटे हैं। मां की मौत के बाद दोनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिवार के मुताबिक, बड़े बेटे ने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है, जबकि छोटा बेटा बीएससी की पढ़ाई कर रहा है। उसका सपना है कि वह पढ़-लिखकर अपनी मां को गर्व महसूस कराए।
मां की मौत के बाद बेटे ने कहा कि वह अब इस सदमे को स्वीकार नहीं कर पा रहा है। परिवार का कहना है कि जिस महिला ने घर संभालने के लिए लगातार मेहनत की, उसकी इस तरह मौत बेहद दर्दनाक है।
परिजनों ने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पति ने वन विभाग पर लगाए गंभीर आरोप
सुगना देवी के पति शंभु दयाल ने वन विभाग की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अगर सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होती तो उनकी पत्नी की जान बच सकती थी।
उन्होंने बताया कि वह खुद लंबे समय से शारीरिक परेशानी के कारण काम करने की स्थिति में नहीं हैं। ऐसे में सुगना देवी ही परिवार की आर्थिक जरूरतें पूरी करने के लिए मजदूरी करती थीं।
पति का कहना है कि अब परिवार के सामने रोजमर्रा का खर्च चलाने की बड़ी चुनौती है।
उन्होंने मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार को उचित सहायता देने की मांग की है।
जयपुर नाहरगढ़ टाइगर हमला मामले में विधायक ने मांगी कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलने के बाद आमेर विधायक प्रशांत शर्मा भी मामले को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि अगर किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
विधायक ने मृतका के परिवार को अधिक से अधिक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की बात भी कही।
उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए, ताकि घटना की वास्तविक वजह सामने आ सके और भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
वन विभाग ने क्या कहा?
जिला वन अधिकारी आशीष कुमार के अनुसार, टाइगर को डिस्प्ले एरिया में भेजने के लिए कराल का गेट खोला गया था। इसी दौरान एन्क्लोजर क्षेत्र में मौजूद महिला मजदूर बाघ की चपेट में आ गईं।
हमले में एक महिला की मौत हुई है।
वन विभाग ने घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि टाइगर एन्क्लोजर में काम करने वाली महिलाओं की मौजूदगी के दौरान गेट खोलने की परिस्थितियां क्या थीं और सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक हुई या नहीं।
जांच के आधार पर जिम्मेदारी तय करने की बात कही गई है।
घटना की जांच में जुटे अधिकारी
जयपुर नाहरगढ़ टाइगर हमला मामले के बाद वन विभाग और संबंधित अधिकारी पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि जब एन्क्लोजर का गेट खोला गया, उस समय महिला मजदूर वहां किस तरह मौजूद थीं और उनके लिए निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हुआ था या नहीं।
घटना ने पार्क में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
मृतका के परिवार ने प्रशासन से आर्थिक सहायता के साथ-साथ जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं प्रत्यक्षदर्शी महिलाओं के बयान भी घटना की जांच में अहम माने जा रहे हैं।
निष्कर्ष
नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क की इस घटना ने वन्यजीव प्रबंधन और कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। एक तरफ टाइगर की सुरक्षा जरूरी है, वहीं पार्क में काम करने वाले कर्मचारियों और मजदूरों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर है। यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो उसके आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों या कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा सकती है।
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