MiddleEastCeasefire के करीब अमेरिका-ईरान, ट्रम्प बोले जल्द खत्म होगी जंग
ट्रम्प का बड़ा दावा, MiddleEastCeasefire के तहत खुलेगा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच अब एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। MiddleEastCeasefire को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच जंग खत्म करने का समझौता लगभग फाइनल हो चुका है। ट्रम्प के मुताबिक दोनों देशों के बीच अब सिर्फ आखिरी डिटेल्स पर काम चल रहा है और जल्द ही बड़ा ऐलान किया जा सकता है।
ट्रम्प ने यह बयान ओवल ऑफिस से की गई एक जॉइंट कॉल के दौरान दिया। इस बातचीत में खाड़ी देशों के कई बड़े नेता और मुस्लिम देशों के प्रतिनिधि शामिल थे। MiddleEastCeasefire को लेकर ट्रम्प ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman, यूएई के राष्ट्रपति Mohammed bin Zayed Al Nahyan, कतर के अमीर Tamim bin Hamad Al Thani, तुर्की के राष्ट्रपति Recep Tayyip Erdoğan, मिस्र के राष्ट्रपति Abdel Fattah el-Sisi और जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय से बातचीत की।

इसके अलावा पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर भी इस चर्चा का हिस्सा रहे। वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से ट्रम्प ने अलग से बातचीत की। MiddleEastCeasefire को लेकर इन बैठकों को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले कई महीनों से मिडिल ईस्ट में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे थे।
ट्रम्प ने दावा किया कि समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को दोबारा खोला जाएगा। यह समुद्री रास्ता दुनिया की सबसे अहम तेल सप्लाई लाइन माना जाता है। वैश्विक स्तर पर करीब 20 प्रतिशत कच्चे तेल की सप्लाई इसी रास्ते से होकर गुजरती है। MiddleEastCeasefire की खबर सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के संकेत मिलने लगे हैं। माना जा रहा है कि सोमवार को ब्रेंट क्रूड और अन्य तेल कीमतों में बड़ी नरमी देखने को मिल सकती है।
हालांकि दूसरी ओर ईरान अब भी अमेरिका पर पूरी तरह भरोसा करने के लिए तैयार नहीं है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Ismail Baghaei ने कहा कि अमेरिका का पुराना रिकॉर्ड भरोसेमंद नहीं रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले भी कई बार अपने बयानों और वादों से पीछे हट चुका है। MiddleEastCeasefire को लेकर उन्होंने कहा कि समझौता बहुत करीब भी है और बहुत दूर भी।
ईरान का कहना है कि वह पूरी तरह आश्वस्त नहीं हो सकता कि अमेरिका भविष्य में अपना रुख नहीं बदलेगा। खासकर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अब भी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं हुई है। MiddleEastCeasefire की बातचीत में यह मुद्दा सबसे संवेदनशील माना जा रहा है और अब तक इस पर किसी अंतिम सहमति की जानकारी सामने नहीं आई है।
मिडिल ईस्ट में यह बड़ा संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था। उस दिन अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर बड़े हवाई हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए। MiddleEastCeasefire से पहले दोनों पक्षों के बीच कई हफ्तों तक तनाव बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका था।
इन हमलों के बाद पूरी दुनिया में चिंता बढ़ गई थी क्योंकि इसका असर सीधे वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ रहा था। ईरान ने जवाबी कार्रवाई के तहत स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद कर दिया था। MiddleEastCeasefire की दिशा में यह सबसे बड़ा मुद्दा बना क्योंकि इसी समुद्री रास्ते से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल सप्लाई पर निर्भर है।
जंग शुरू होने से पहले कच्चे तेल की कीमत करीब 70 डॉलर प्रति बैरल थी। लेकिन संघर्ष बढ़ने के बाद मार्च और अप्रैल तक कीमतें बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं। इससे दुनियाभर के बाजारों में महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ गया था। MiddleEastCeasefire की संभावना बनने के बाद अब तेल बाजार में राहत की उम्मीद दिखाई दे रही है।
अप्रैल की शुरुआत में दोनों देशों ने सीजफायर पर सहमति जताई थी, जिसके बाद पर्दे के पीछे लगातार बातचीत जारी रही। अब ट्रम्प के दावे के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही औपचारिक शांति समझौता हो सकता है। MiddleEastCeasefire अगर पूरी तरह लागू होता है तो इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर देखने को मिलेगा।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच चल रही इन चर्चाओं पर टिकी हुई है। MiddleEastCeasefire को लेकर आने वाले कुछ दिन बेहद अहम माने जा रहे हैं, क्योंकि यही तय करेगा कि मिडिल ईस्ट में शांति लौटेगी या तनाव एक बार फिर बढ़ेगा।
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