देशभर में मानसून का कहर, महाराष्ट्र में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, मुंबई-पुणे मार्ग पर लैंडस्लाइड, कई राज्यों में अलर्ट
देश के कई राज्यों में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। सबसे ज्यादा असर महाराष्ट्र में देखने को मिल रहा है, जहां पिछले तीन दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। भारी बारिश के चलते सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में जलभराव, तेज हवाएं और भूस्खलन जैसी घटनाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर करजत-लोनावला के भोर घाट सेक्शन में दो अलग-अलग स्थानों पर लैंडस्लाइड होने से रेलवे ट्रैक पर मलबा आ गया। इसके कारण इस महत्वपूर्ण रेल रूट की तीनों लाइनें प्रभावित हो गईं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कई ट्रेनों का संचालन रोक दिया और करीब 20 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। कई अन्य ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया, जिससे हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

सिर्फ रेलवे ही नहीं, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे भी भूस्खलन की चपेट में आ गया। एक्सप्रेसवे पर मलबा गिरने के कारण कुछ समय के लिए यातायात रोकना पड़ा। प्रशासन और राहत दलों ने मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने का काम शुरू किया, ताकि सड़क को जल्द से जल्द दोबारा खोला जा सके। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है।
मुंबई में तेज बारिश के साथ 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। तेज हवाओं के कारण शहर के अलग-अलग हिस्सों में करीब 142 पेड़ उखड़ गए, जिससे कई स्थानों पर सड़कें बाधित हुईं और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। नगर निगम की टीमें लगातार पेड़ हटाने और सड़कों को साफ करने के काम में जुटी हुई हैं।
मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने एहतियात के तौर पर सरकारी, निजी और नगर निगम के सभी स्कूलों तथा कॉलेजों में आज छुट्टी घोषित कर दी है। प्रशासन ने अभिभावकों और छात्रों से घरों में सुरक्षित रहने की अपील की है। इसके अलावा निजी कंपनियों और कार्यालयों को भी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू करने की सलाह दी गई है, ताकि लोगों को अनावश्यक यात्रा न करनी पड़े।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। तटीय इलाकों और घाट क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तेज हवाएं चलने की आशंका बनी हुई है।
दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भी भारी बारिश के बाद भूस्खलन की बड़ी घटना सामने आई है। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा गिरने के कारण सड़क किनारे खड़ी 6 से 7 गाड़ियां मलबे में दब गईं। राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबा हटाने का अभियान शुरू किया गया। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी तरह की जनहानि न हो।
देश के अन्य कई राज्यों में भी मानसून सक्रिय है और विभिन्न स्थानों पर तेज बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के पास जाने से बचने, अनावश्यक यात्रा न करने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
मानसून जहां एक ओर गर्मी से राहत लेकर आया है, वहीं दूसरी ओर भारी बारिश, जलभराव और भूस्खलन जैसी घटनाओं ने कई क्षेत्रों में सामान्य जीवन को प्रभावित कर दिया है। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है तथा लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की लगातार अपील की जा रही है।

