तेहरान में अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा शुरू, लाखों लोगों की मौजूदगी में निकली ऐतिहासिक शवयात्रा
ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा सोमवार सुबह राजधानी तेहरान से शुरू हो गई। देश के सबसे बड़े राजकीय और धार्मिक आयोजनों में शामिल इस अंतिम सफर में लाखों लोग सड़कों पर उमड़ पड़े। राजधानी की प्रमुख सड़कों पर सुबह से ही भारी भीड़ देखने को मिली, जहां लोग अपने दिवंगत नेता को अंतिम विदाई देने के लिए एकत्र हुए। ईरानी प्रशासन ने इस अंतिम यात्रा को लेकर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है और पूरे मार्ग पर पुलिस, सुरक्षा बलों तथा सैन्य इकाइयों की तैनाती की गई है।
अयातुल्ला अली खामेनेई का पार्थिव शरीर तेहरान स्थित ग्रैंड मोसल्ला से अंतिम यात्रा के लिए रवाना किया गया। करीब 10 किलोमीटर लंबे निर्धारित मार्ग से गुजरने वाली यह यात्रा लगभग 10 से 12 घंटे तक चलने का अनुमान है। रास्ते भर हजारों-लाखों लोग अपने हाथों में ईरानी झंडे और धार्मिक प्रतीक लेकर मौजूद रहे। कई स्थानों पर लोगों ने फूल बरसाकर और धार्मिक नारों के साथ अपने नेता को श्रद्धांजलि दी।

ईरान सरकार ने इस अंतिम यात्रा को राष्ट्रीय शोक का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है। पूरे मार्ग पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। ड्रोन निगरानी, विशेष सुरक्षा दस्ते और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को भी तैनात किया गया है ताकि लाखों लोगों की मौजूदगी के बीच किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकास मार्ग बनाए गए हैं।
अंतिम यात्रा में ईरान के राष्ट्रपति, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, धार्मिक विद्वान, सेना के उच्च अधिकारी और विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडल भी शामिल हुए। कई देशों ने अपने विशेष दूत भेजकर खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर को ईरान के लिए केवल एक धार्मिक आयोजन ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय एकता और राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है।
तेहरान में अंतिम यात्रा पूरी होने के बाद खामेनेई के पार्थिव शरीर को धार्मिक नगरी कोम ले जाया जाएगा, जहां विशेष धार्मिक रस्में संपन्न होंगी। इसके बाद अंतिम चरण में उनके पार्थिव शरीर को मशहद ले जाकर दफनाया जाएगा। ईरानी अधिकारियों के अनुसार अंतिम संस्कार से जुड़ी धार्मिक परंपराओं का पालन कई दिनों तक अलग-अलग शहरों में किया जाएगा।
अंतिम यात्रा के दौरान लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कई प्रमुख सड़कों को बंद रखा है। सार्वजनिक परिवहन की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोगों को सुविधा मिल सके। राजधानी के कई सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में भी विशेष व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यह अंतिम यात्रा केवल एक नेता को विदाई देने का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि ईरान के राजनीतिक और धार्मिक इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय भी है। लाखों लोगों की मौजूदगी ने यह स्पष्ट किया कि इस आयोजन का देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक महत्व है। आने वाले दिनों में कोम और मशहद में होने वाले अंतिम धार्मिक कार्यक्रमों पर भी दुनिया भर की नजरें टिकी रहेंगी।

