Kasganj। गंजडुंडवारा कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में बालिका के अपहरण के बाद हत्या के चर्चित मामले में पुलिस ने जांच को और तेज कर दिया है। घटना के छह दिन बाद भी हत्या की गुत्थी पूरी तरह नहीं सुलझ पाई है, लेकिन पुलिस वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। परिजनों द्वारा जताए गए संदेह और अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने गांव के तीन लोगों का डीएनए टेस्ट कराया है। अब जांच एजेंसियों को रिपोर्ट का इंतजार है, जिसे मामले की जांच में अहम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार छह जून की शाम करीब पांच बजे गांव की एक बालिका अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गई थी। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन जब कोई सुराग नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी गई। बालिका के लापता होने की खबर से गांव में चिंता का माहौल बन गया था और लगातार उसकी खोजबीन की जा रही थी।

तीन दिन बाद नौ जून की सुबह गांव के बाहर एक खेत में बालिका का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी मौके पर बुलाया गया। विशेषज्ञों ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए, जिनकी जांच की जा रही है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को प्राप्त हो चुकी है। हालांकि रिपोर्ट में मृत्यु का स्पष्ट और ठोस कारण निर्धारित नहीं हो सका है। यही कारण है कि पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच को आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अलावा फोरेंसिक जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को भी जांच का महत्वपूर्ण आधार बनाया जा रहा है।
इसी क्रम में परिजनों द्वारा जताए गए संदेह के आधार पर गांव के तीन लोगों को जांच के दायरे में रखा गया है। गुरुवार को कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम पुलिस बल के साथ तीनों व्यक्तियों को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्वास्थ्य कर्मियों ने उनके डीएनए सैंपल लिए। सैंपलों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में आगे की दिशा स्पष्ट हो सकेगी।
सूत्रों के अनुसार जांच रिपोर्ट आने तक पुलिस तीनों संबंधित व्यक्तियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए हुए है। उन्हें गांव छोड़कर बाहर नहीं जाने की हिदायत भी दी गई है ताकि जांच प्रभावित न हो। हालांकि पुलिस ने अभी किसी को आरोपी घोषित नहीं किया है और जांच को पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डीएनए जांच रिपोर्ट इस मामले में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। यदि रिपोर्ट में कोई मेल पाया जाता है तो उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा पुलिस मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन डेटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
गंजडुंडवारा क्षेत्र में हुई इस घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोग जल्द से जल्द मामले के खुलासे और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। पुलिस का दावा है कि वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही घटना की सच्चाई सामने लाई जाएगी और दोषियों को कानून के कठघरे तक पहुंचाया जाएगा।

