Umaria Updates : करकेली स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव बहाली की मांग

Umaria Updates : उमरिया जिले के करकेली स्टेशन पर कोरोना काल से बंद ट्रेनों के ठहराव बहाल करने की मांग तेज हो गई है। व्यापारियों और ग्रामीणों ने रैली निकालकर स्टेशन मास्टर को ज्ञापन सौंपा। ट्रेनों के ठहराव न होने से यात्रियों, मरीजों और छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
Umaria Updates : कोरोना काल के बाद भी नहीं बहाल हुआ ठहराव
मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के करकेली रेलवे स्टेशन पर कोरोना काल के दौरान बंद किए गए ट्रेनों के ठहराव को अब तक बहाल नहीं किया गया है। जबकि देश के अन्य स्टेशनों पर ट्रेनों का संचालन और ठहराव सामान्य रूप से शुरू हो चुका है, लेकिन करकेली स्टेशन के साथ यह भेदभाव स्थानीय लोगों को खल रहा है।
महाप्रबंधक बिलासपुर के नाम सौंपा गया ज्ञापन
स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर स्टेशन मास्टर को बिलासपुर मंडल के महाप्रबंधक (GM) के नाम ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में कोरोना काल से बंद ट्रेनों के ठहराव को तत्काल प्रभाव से बहाल करने की मांग की गई है।
इन ट्रेनों का पहले होता था ठहराव
करकेली स्टेशन पर कोरोना महामारी से पहले कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव होता था, जिनमें प्रमुख हैं:
- नर्मदा एक्सप्रेस
- बिलासपुर–इंदौर एक्सप्रेस
- इंदौर–बिलासपुर एक्सप्रेस
- भोपाल–बिलासपुर एक्सप्रेस
- बिलासपुर–भोपाल एक्सप्रेस
- रीवा–चिरमिरी एक्सप्रेस
- चिरमिरी–रीवा एक्सप्रेस
- रीवा–बिलासपुर एक्सप्रेस
- बिलासपुर–रीवा एक्सप्रेस
कोरोना महामारी के दौरान इन सभी ट्रेनों का ठहराव बंद कर दिया गया था।
रैली निकालकर जताया विरोध
ज्ञापन सौंपने से पहले करकेली बस स्टैंड पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। इसके बाद एक विशाल रैली निकाली गई, जो पूरे गांव का भ्रमण करते हुए रेलवे स्टेशन पहुंची। वहां स्टेशन मास्टर को ज्ञापन सौंपा गया।
व्यापारियों ने 4 घंटे बंद रखे प्रतिष्ठान
इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए स्थानीय व्यापारियों ने करीब 4 घंटे तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। यह बंद पूर्ण रूप से शांतिपूर्ण रहा और इसमें हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए।
ठहराव न होने से बढ़ी समस्याएं
ट्रेनों के ठहराव न होने से स्थानीय लोगों को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है:
- मरीजों को इलाज के लिए यात्रा में कठिनाई
- छात्रों को पढ़ाई के लिए आने-जाने में दिक्कत
- व्यापारियों के कारोबार पर असर
- आम यात्रियों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है
जनता में बढ़ रहा आक्रोश
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले भी कई बार ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और वे अपने आपको उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
रेल प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद
करकेली और आसपास के गांवों की जनता को उम्मीद है कि रेलवे प्रशासन उनकी मांगों पर जल्द ध्यान देगा और ट्रेनों के ठहराव को फिर से बहाल करेगा, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।

