Jodhpur Cyber Crime: पेंशन अपडेट के नाम पर 15.64 लाख की ठगी, बुजुर्ग का बैंक खाता खाली
Jodhpur Cyber Crime: एक क्लिक ने 15.64 लाख रुपये कर दिए साफ

Jodhpur Cyber Crime का एक चौंकाने वाला मामला राजस्थान के जोधपुर से सामने आया है, जहां पेंशन अपडेट कराने के नाम पर एक 71 वर्षीय बुजुर्ग साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने व्हाट्सऐप पर एक फर्जी लिंक भेजा और जैसे ही पीड़ित ने उस लिंक पर क्लिक किया, उनका मोबाइल फोन साइबर अपराधियों के नियंत्रण में चला गया। कुछ ही मिनटों में बैंक खाते से 15.64 लाख रुपये अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए निकाल लिए गए।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। इसलिए किसी भी अनजान लिंक या संदेश पर भरोसा करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है।

कैसे हुई साइबर ठगी?
जानकारी के अनुसार, जोधपुर के रातानाडा थाना क्षेत्र के उम्मेद हेरिटेज निवासी श्रीपाल काला (71) के व्हाट्सऐप नंबर पर एक अज्ञात व्यक्ति का संदेश आया। संदेश में दावा किया गया कि पेंशन अपडेट करने के साथ-साथ फ्लाइट, ट्रेन और बस टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है।
विश्वास में आकर बुजुर्ग ने दिए गए लिंक पर क्लिक कर दिया। लिंक खुलते ही मोबाइल फोन असामान्य तरीके से काम करने लगा और कुछ ही देर बाद बैंक खाते से पैसे कटने के लगातार मैसेज आने लगे।
जब तक उन्हें पूरी स्थिति समझ में आती, तब तक उनके खाते से कुल 15 लाख 64 हजार रुपये निकाले जा चुके थे।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
घटना का पता चलते ही पीड़ित ने तुरंत अपने बैंक से संपर्क कर खाते को फ्रीज कराया और जोधपुर साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
साइबर अपराधी कैसे बनाते हैं शिकार?
विशेषज्ञों के अनुसार, आजकल साइबर ठग कई तरह के बहाने बनाकर लोगों को फर्जी लिंक भेजते हैं, जैसे—
- पेंशन अपडेट
- बैंक KYC अपडेट
- आधार या PAN वेरिफिकेशन
- बिजली बिल भुगतान
- गैस सब्सिडी
- ट्रेन, बस और फ्लाइट टिकट ऑफर
- सरकारी योजना का लाभ
इन लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल में मौजूद संवेदनशील जानकारी चोरी हो सकती है या फोन का नियंत्रण अपराधियों के हाथ में पहुंच सकता है।
ऐसे करें अपना बचाव
साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सावधानी बड़ी आर्थिक हानि से बचा सकती है।
- किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- बैंक या सरकारी विभाग की जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट से ही लें।
- OTP, PIN, CVV या पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
- मोबाइल में केवल विश्वसनीय ऐप ही इंस्टॉल करें।
- बैंक खाते में संदिग्ध गतिविधि दिखते ही तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।
- साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर भी दर्ज कराई जा सकती है।
बढ़ रहे हैं साइबर फ्रॉड के मामले
देशभर में डिजिटल लेनदेन बढ़ने के साथ साइबर ठगी के मामलों में भी लगातार वृद्धि हो रही है। अपराधी अब बुजुर्गों, पेंशनधारकों और कम तकनीकी जानकारी रखने वाले लोगों को विशेष रूप से निशाना बना रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है। किसी भी आकर्षक ऑफर, सरकारी अपडेट या बैंक संबंधी संदेश की पुष्टि पहले आधिकारिक माध्यम से करना बेहद जरूरी है।

निष्कर्ष
Jodhpur Cyber Crime का यह मामला सभी डिजिटल यूजर्स के लिए एक बड़ी चेतावनी है। केवल एक फर्जी लिंक पर क्लिक करने से वर्षों की मेहनत की कमाई कुछ ही मिनटों में खत्म हो सकती है। इसलिए ऑनलाइन सतर्कता और आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे सुरक्षित उपाय है।
Jodhpur Cyber Crime में पेंशन अपडेट के नाम पर साइबर ठगों ने 71 वर्षीय बुजुर्ग से 15.64 लाख रुपये की ठगी कर ली। जानिए पूरा मामला, ठगी का तरीका और बचाव के जरूरी उपाय।
Read More:- https://share.google/6uCErVX7uSw5oEsxJ
Read More:-https://youtu.be/x0UkdcMsLHs

