Jaipur Karni Sena Protest: यूजीसी नियमों के विरोध में जयपुर में करणी सेना का बड़ा प्रदर्शन, पुलिस ने चलाए वॉटर कैनन

जयपुर। Jaipur Karni Sena Protest सोमवार को राजधानी जयपुर में उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना ने यूजीसी (UGC) के नए नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर विशाल प्रदर्शन किया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना के नेतृत्व में प्रदेशभर से हजारों समर्थक जयपुर पहुंचे और कलेक्ट्रेट की ओर कूच करने लगे। हालांकि पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को निर्धारित मार्ग पर ही रोक दिया। स्थिति तनावपूर्ण होने पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
प्रदेशभर से पहुंचे हजारों समर्थक
प्रदर्शन में जयपुर के अलावा बीकानेर, चूरू, सीकर, झुंझुनूं, नागौर और अन्य जिलों से बड़ी संख्या में करणी सेना के कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। सुबह से ही कालवाड़ रोड और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर और झंडे लेकर यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने की मांग कर रहे थे। पूरे क्षेत्र में नारेबाजी और प्रदर्शन के चलते माहौल पूरी तरह आंदोलनमय दिखाई दिया।
कलेक्ट्रेट मार्च से पहले पुलिस ने रोका रास्ता
रैली जैसे ही कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ी, पुलिस ने लगभग 200 फीट बाइपास के पास बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। कुछ देर तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का प्रयास किया गया, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गए और पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वॉटर कैनन का उपयोग किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पानी की तेज बौछारों के बावजूद कई प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स के पास डटे रहे। इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिस के वाहनों के नजदीक जाने का प्रयास भी किया। हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखा और किसी बड़े टकराव की सूचना सामने नहीं आई।
एंबुलेंस को दिया गया रास्ता
प्रदर्शन के दौरान भीड़ के बीच एक एंबुलेंस फंस गई थी। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत मानवता का परिचय देते हुए एंबुलेंस के लिए रास्ता बनाया, जिससे वह सुरक्षित आगे निकल सकी। इस घटना ने प्रदर्शन के बीच संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का भी संदेश दिया।
24 दिन पहले शुरू हुई थी सवर्ण न्याय यात्रा
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने यूजीसी के नए नियमों के विरोध में लगभग 24 दिन पहले “सवर्ण न्याय यात्रा” की शुरुआत की थी। यात्रा जयपुर से रवाना होकर बीकानेर के देशनोक स्थित करणी माता मंदिर पहुंची, जहां से औपचारिक रूप से आंदोलन का विस्तार किया गया। इसके बाद यात्रा राजस्थान के विभिन्न जिलों से गुजरते हुए रविवार को जयपुर पहुंची।
यात्रा के दौरान संगठन ने विभिन्न स्थानों पर सभाएं आयोजित कर लोगों से समर्थन मांगा और यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने की मांग दोहराई।
तबीयत बिगड़ने के बावजूद जारी रखी यात्रा
जयपुर पहुंचने से पहले यात्रा के दौरान महिपाल सिंह मकराना की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और वे बेहोश हो गए थे। स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद उन्होंने यात्रा बीच में नहीं छोड़ी। बाद में वे व्हीलचेयर पर बैठकर यात्रा में शामिल हुए और समर्थकों के साथ जयपुर पहुंचे। इस दौरान उनके समर्थकों ने लगातार उनके समर्थन में नारे लगाए और आंदोलन जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

पुलिस रही पूरी तरह सतर्क
प्रदर्शन को देखते हुए जयपुर पुलिस ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। विभिन्न स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और बैरिकेडिंग कर यातायात को नियंत्रित किया गया। अधिकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना था। वॉटर कैनन का इस्तेमाल भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एहतियातन किया गया।
करणी सेना की प्रमुख मांग
श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना का कहना है कि यूजीसी के नए नियमों को वापस लिया जाए। संगठन के अनुसार, इन्हीं मांगों को लेकर प्रदेशभर में जनसमर्थन जुटाया जा रहा है और सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए आंदोलन किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया गया तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा।
राजधानी जयपुर में हुए इस प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा, जबकि पुलिस और प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी। पूरे घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखा गया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।

