जयपुर: राजस्थान में क्रूड ऑयल चोरी के बड़े मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) को अहम सफलता मिली है। एसओजी ने इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) की भूमिगत पाइपलाइन से करोड़ों रुपये का क्रूड ऑयल चोरी करने वाले गिरोह के कथित मास्टरमाइंड को गुजरात से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गुजरात के वडोदरा निवासी जैयश भाई उर्फ मोदी उर्फ राजू के रूप में हुई है।
एसओजी के मुताबिक आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था। टीम ने गुजरात में दबिश देकर उसे पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को सोमवार सुबह अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। अब एसओजी आरोपी से पूछताछ कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जानकारी जुटाई जा रही है।
क्रूड ऑयल चोरी में 8 लाख लीटर तेल पार
जांच में सामने आया कि मार्च और अप्रैल 2025 के दौरान IOCL की सलाया-मथुरा पाइपलाइन को निशाना बनाया गया था। यह पाइपलाइन राजस्थान के ब्यावर-मसूदा क्षेत्र में चरागाह भूमि से होकर गुजरती है।
आरोप है कि गिरोह के सदस्यों ने भूमिगत पाइपलाइन में छेद करके उसमें एक अवैध वाल्व लगा दिया था। इसी रास्ते से पाइपलाइन में बह रहे क्रूड ऑयल को टैंकरों में भरकर बाहर निकाला गया।
एसओजी के अनुसार इस पूरे नेटवर्क ने करीब 8 लाख लीटर क्रूड ऑयल चोरी किया। चोरी किए गए तेल की मात्रा लगभग 36 टैंकर बताई गई है। बरामदगी और जांच में सामने आए आंकड़ों के अनुसार चोरी हुए क्रूड ऑयल की अनुमानित कीमत करीब 4 करोड़ 48 लाख रुपये है।
कैसे हुआ क्रूड ऑयल चोरी का खुलासा?
अप्रैल 2025 में ब्यावर-मसूदा क्षेत्र में IOCL के सहायक प्रबंधक संजय कुमार सेन की ओर से इस मामले में एसओजी के पास शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के बाद एजेंसी ने पूरे मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान एसओजी ने तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाने के साथ-साथ BTS डेटा और CDR का विश्लेषण किया गया। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस टीम उन लोगों तक पहुंची, जिनकी गतिविधियां घटनास्थल और कथित चोरी के नेटवर्क से जुड़ी हुई थीं।
पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के सदस्यों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने एक-एक कर आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू की।

अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार
एसओजी की कार्रवाई में इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच एजेंसी का कहना है कि क्रूड ऑयल चोरी का यह नेटवर्क सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान पाइपलाइन में अवैध कनेक्शन लगाने, क्रूड ऑयल को टैंकरों में भरने और उसे आगे पहुंचाने से संबंधित जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
अब मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद एसओजी को इस पूरे नेटवर्क के बारे में और महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।
गुजरात से हुई मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी
एसओजी के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी जैयश भाई उर्फ मोदी उर्फ राजू गुजरात के वडोदरा का रहने वाला है। वह मामले में फरार चल रहा था और पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।
तकनीकी जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर एसओजी की टीम गुजरात पहुंची। वहां दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे राजस्थान लाकर अदालत में पेश किया गया।
कोर्ट से सात दिन की रिमांड मिलने के बाद एसओजी अब आरोपी से गिरोह के दूसरे सदस्यों, चोरी किए गए क्रूड ऑयल की सप्लाई, टैंकरों के इस्तेमाल और अवैध वाल्व लगाने की पूरी प्रक्रिया को लेकर पूछताछ कर रही है।
करोड़ों की चोरी के पीछे कौन-कौन शामिल?
एसओजी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे क्रूड ऑयल चोरी नेटवर्क में और कौन लोग शामिल थे। जांच एजेंसी की नजर उन संदिग्धों पर भी है, जो अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।
पूछताछ में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चोरी किए गए करीब 8 लाख लीटर क्रूड ऑयल को कहां-कहां भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग आर्थिक रूप से जुड़े हुए थे।
जांच पूरी होने के बाद इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
SOG की तकनीकी जांच बनी अहम कड़ी
इस मामले में एसओजी की तकनीकी जांच को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। BTS डेटा और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के विश्लेषण के जरिए संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक किया गया।
इसके बाद जुटाए गए तकनीकी और अन्य साक्ष्यों को पूछताछ से जोड़कर पुलिस ने आरोपियों तक पहुंच बनाई। इसी जांच प्रक्रिया के जरिए फरार चल रहे कथित मास्टरमाइंड की लोकेशन तक पहुंचकर गुजरात में कार्रवाई की गई।
आगे की जांच जारी
फिलहाल आरोपी एसओजी की रिमांड में है। एजेंसी उससे लगातार पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य फोकस क्रूड ऑयल चोरी के पूरे नेटवर्क को समझना, फरार आरोपियों की पहचान करना और चोरी किए गए तेल की सप्लाई से जुड़े लोगों तक पहुंचना है।
एसओजी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पाइपलाइन में अवैध वाल्व लगाने और तेल निकालने की योजना किस तरह तैयार की गई थी तथा इस काम में किन-किन लोगों ने सहयोग किया।
निष्कर्ष
क्रूड ऑयल चोरी के इस मामले में मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी को एसओजी की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। करीब 8 लाख लीटर क्रूड ऑयल की चोरी और लगभग 4.48 करोड़ रुपये के नुकसान से जुड़े इस मामले में अब तक 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मास्टरमाइंड से पूछताछ के बाद जांच एजेंसी को गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।
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