Jaipur JDA Land Scam: गोविन्द नगर में 100 करोड़ के जमीन घोटाले का आरोप, एक ही खसरे पर डबल आरक्षण पत्र, फर्जी पट्टे बनाने का खेल, JDA ने पट्टे किए ब्लॉक

Jaipur JDA Land Scam: एक ही खसरे पर Double Reservation, फर्जी पट्टे Block, 100 करोड़ के घोटाले का आरोप
गोविन्द नगर में 100 करोड़ के जमीन घोटाले का आरोप: एक ही खसरे पर डबल आरक्षण पत्र, फर्जी पट्टे बनाने का खेल, JDA ने पट्टे किए ब्लॉक
जयपुर। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) जोन-10 के गोविन्द नगर (न्यू हेरिटेज सिटी) क्षेत्र में एक ही जमीन के खसरों पर दोहरे आरक्षण पत्र जारी कर फर्जी पट्टे बनाने का गंभीर आरोप सामने आया है। शिकायत में इसे कम से कम 100 करोड़ रुपये का घोटाला बताया गया है। न्यूज 21 की खबर और शिकायत के बाद JDA ने विवादित पट्टों को ब्लॉक कर जांच कमेटी गठित की है।
किस जमीन का है मामला
आरोप ग्राम गोविन्दपुरा उर्फ रोपाड़ा (पटवार हल्का लुनियावास, तहसील सांगानेर, जिला जयपुर) की जमीन के खसरा संख्या 857 से 866, 876 और 878 से जुड़े हैं। न्यूज 21 के राजस्थान ब्यूरो के अशोक भगत ने 8 अक्टूबर 2026 को JDA आयुक्त को शिकायत पत्र सौंपा था। पत्र में इस पूरे प्रकरण की जांच और कार्रवाई की मांग की गई थी।
शिकायत में क्या आरोप लगे
शिकायत के अनुसार, दस्तावेजों में इस भूमि के मूल खातेदार कजोड़ पुत्र कल्याण दर्ज हैं और भूमि के संबंध में आरक्षण/आवंटन पत्र पहले ही जारी हो चुका था। आरोप है कि इसके बावजूद उन्हीं खसरों पर अलग-अलग यानी डबल आरक्षण पत्र जारी किए गए।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि:
- 24 अगस्त 2023 को फूलचंद मीणा के नाम पर फर्जी आरक्षण पत्र जारी किया गया।
- इन्हीं आरक्षण पत्रों के आधार पर बाद में पट्टे जारी कर दिए गए।
- इस पूरे खेल में तत्कालीन DC और JDA के कुछ कर्मचारी भू-माफियाओं के साथ मिले हुए थे।
शिकायत में फूलचंद मीणा, सुरेश मीणा, दिनेश मीणा, रितेश जैन, वैभव जैन और पवन के नाम लेकर मिलीभगत से फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया गया है।
रिकॉर्ड में अंतर पर सवाल
शिकायतकर्ता ने दो दस्तावेजों का हवाला देते हुए रिकॉर्ड में हेराफेरी की आशंका जताई है:
- D-115 (08/10/2010): इसमें 10,025 वर्ग मीटर भूमि का उल्लेख है।
- D-1636 (14/08/2023): इसमें 10,145.11 वर्ग मीटर भूमि का उल्लेख है।
शिकायत के अनुसार, दोनों रिकॉर्ड में दर्ज क्षेत्रफल का यह अंतर जांच की जरूरत साफ करता है। पत्र में खसरावार क्षेत्रफल भी दिया गया है, जैसे 857/2.45, 858/0.42, 859/0.15, 860/0.15, 861/0.23, 862/0.04, 863/0.01, 864/0.15, 865/0.19, 866/0.03, 876/0.01 और 878/0.18।
“न FIR, न एक्शन”, SOG जांच की मांग
शिकायतकर्ता का आरोप है कि इतने बड़े मामले में अब तक न कोई FIR करवाई गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। उन्होंने इसे कम से कम 100 करोड़ रुपये का बड़ा स्कैंडल बताते हुए तुरंत FIR दर्ज करने और जांच SOG को सौंपने की मांग की।
शिकायत में पांच मांगें रखी गईं:
- D-115 और D-1636 सहित सभी संबंधित पत्रावलियों की जांच हो।
- इन आरक्षण पत्रों के आधार पर जारी सभी पट्टों की वैधता की जांच हो।
- जांच पूरी होने तक विवादित भूमि पर नए पट्टे, हस्तांतरण या अन्य स्वीकृति पर रोक लगे।
- निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई हो।
- शिकायतकर्ता को जांच की प्रगति और निष्कर्ष लिखित में बताए जाएं।
शिकायत के बाद JDA में हलचल
शिकायत के बाद JDA जोन-10 के उपायुक्त ने 3 नवंबर 2026 को पत्र (क्रमांक जविप्रा/उपा/जोन-10/2026/डी-1437) जारी कर कार्रवाई की जानकारी दी। पत्र के अनुसार, दोहरे आवंटन का प्रकरण संज्ञान में आते ही उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया। उच्च स्तर के निर्देशों पर ये कदम उठाए गए हैं:
- विवादित पट्टों को JDA के CPRMS पोर्टल पर ब्लॉक कर दिया गया है।
- पूर्व में जारी आरक्षण, आवंटन और लीजडीड के बाद 24 अगस्त 2023 को फूलचंद मीणा के पक्ष में जारी आरक्षण पत्र और उसके आधार पर जारी लीजडीड को निरस्त किया जा चुका है।
- विस्तृत जांच के लिए उच्च स्तर पर जांच कमेटी गठित की गई है।
- प्रकरण से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस दिए जाने की कार्रवाई की जा रही है।
- जोन में उपलब्ध संबंधित रिकॉर्ड जांच कमेटी को सौंप दिया गया है।
न्यूज 21 को मिली जानकारी के अनुसार, तत्कालीन DC मेघराज मीणा और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ नोटिस की कार्रवाई चल रही है। शिकायत में नामजद सुरेश मीणा, दिनेश मीणा, रितेश, वैभव और पवन के खिलाफ भी नोटिस और FIR की प्रक्रिया जारी बताई जा रही है।
अब सवाल जो बाकी हैं
JDA की कार्रवाई से शिकायत की गंभीरता तो मानी गई है, लेकिन कई सवाल अभी बाकी हैं:
- जब जमीन पर पहले से आरक्षण पत्र जारी था, तो दोबारा आरक्षण पत्र किस आधार पर जारी हुआ?
- D-115 और D-1636 में क्षेत्रफल का अंतर कैसे आया?
- क्या इन पट्टों के आधार पर जमीन आगे किसी तीसरे पक्ष को बेची गई?
- क्या जांच JDA स्तर पर ही होगी या SOG जैसी बाहरी एजेंसी को सौंपी जाएगी?
- FIR कब दर्ज होगी और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी?
न्यूज 21 इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और जांच से जुड़ी हर अपडेट अपने दर्शकों तक पहुंचाता रहेगा।

