Iran: ट्रम्प अचानक लौटे व्हाइट हाउस, अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बढ़ी सैन्य कार्रवाई की आशंका
CBS न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपनी छुट्टियां और निजी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं। इससे यह संकेत मिल रहा है कि अमेरिका किसी बड़े फैसले की तैयारी में हो सकता है। दूसरी तरफ ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने दावा किया है कि ईरानी सेना पूरी तरह तैयार है और दुश्मन की किसी भी कार्रवाई का जवाब देने में सक्षम है। Iran ने साफ कर दिया है कि अगर उस पर हमला हुआ तो जवाब भी बेहद कड़ा होगा।
मिडिल ईस्ट में हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। सऊदी अरब, यूएई और कतर जैसे देशों ने अमेरिका से युद्ध से बचने और कूटनीति अपनाने की अपील की है। इन देशों का मानना है कि अगर अमेरिका और Iran के बीच युद्ध छिड़ता है तो इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल बाजार पर पड़ेगा। यही वजह है कि कई देश लगातार तनाव कम कराने की कोशिश में जुटे हैं।
यूरोपीय यूनियन भी अब इस मामले में सक्रिय हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक EU ईरानी अधिकारियों और संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है। दूसरी तरफ फ्रांस ने होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अंतरराष्ट्रीय समुद्री मिशन भेजने का प्रस्ताव रखा है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है और यहां तनाव बढ़ने से वैश्विक व्यापार प्रभावित हो सकता है। Iran से जुड़ा यह विवाद अब अंतरराष्ट्रीय संकट का रूप लेता जा रहा है।
इसी बीच पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर भी तेहरान पहुंचे हैं। वहां उन्होंने ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत कर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने पर चर्चा की। रिपोर्ट्स के अनुसार कतर की एक टीम भी युद्ध रोकने और समझौते की संभावनाओं पर बातचीत के लिए तेहरान पहुंच चुकी है। कई देश चाहते हैं कि अमेरिका और Iran के बीच सीधी बातचीत हो ताकि हालात और ज्यादा खराब न हों।
ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रजा तलाए-निक ने ट्रम्प प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका के पास ईरान की मांगें मानने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अगर अमेरिका और इजराइल ने दबाव बनाने की कोशिश जारी रखी तो दोनों देशों को नुकसान उठाना पड़ेगा। Iran ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रम्प पूरी तरह इजराइल के समर्थन में खड़े हैं और अमेरिकी राष्ट्रीय हितों को नजरअंदाज कर रहे हैं।

उधर उत्तरी इजराइल में संदिग्ध विमान देखे जाने के बाद कई इलाकों में सायरन बजाए गए। इजराइली सेना ने दावा किया कि दक्षिणी लेबनान सीमा के पास एक संदिग्ध विमान घुस आया था। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह ड्रोन था या कोई और विमान। इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। Iran और इजराइल के बीच बढ़ता तनाव पूरे क्षेत्र को युद्ध के करीब ले जाता दिखाई दे रहा है।
अमेरिका में भी इस तनाव का असर देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रम्प की बेटी इवांका ट्रम्प को धमकी देने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। FBI ने इराकी नागरिक मोहम्मद बाकेर साद दाऊद अल-सादी को हिरासत में लिया है। उस पर आरोप है कि उसने इवांका ट्रम्प को नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपी का संबंध Iran समर्थक समूहों से हो सकता है।
मिडिल ईस्ट संकट का असर भारत समेत कई देशों की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमेरिका और Iran के बीच तनाव और बढ़ा तो कच्चे तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। इससे आम लोगों पर महंगाई का दबाव बढ़ेगा और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता देखने को मिलेगी।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है। अगर दोनों देशों के बीच बातचीत सफल नहीं होती तो हालात और गंभीर हो सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार शांति और बातचीत की अपील कर रहा है। आने वाले दिनों में यह साफ हो जाएगा कि अमेरिका और Iran कूटनीति का रास्ता चुनते हैं या फिर मिडिल ईस्ट एक नए संघर्ष की ओर बढ़ता है।
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