Hanuman Beniwal Jantar Mantar: छात्रों के समर्थन में पहुंचे RLP सांसद, बोले- ‘NEET अभ्यर्थियों के लिए लाठी खाने को भी तैयार’

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर Hanuman Beniwal Jantar Mantar आंदोलन ने उस समय नई राजनीतिक चर्चा को जन्म दिया, जब राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सांसद हनुमान बेनीवाल प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच पहुंचे। NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, बार-बार हो रहे पेपर लीक मामलों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को उन्होंने खुला समर्थन दिया।
संसद के मानसून सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने के बाद बेनीवाल सीधे जंतर-मंतर पहुंचे, जहां उन्होंने छात्रों से मुलाकात की और उनके संघर्ष को लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई बताया।
Hanuman Beniwal Jantar Mantar पर छात्रों के साथ मंच साझा
जंतर-मंतर पर हजारों छात्र और युवा कई दिनों से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। सांसद हनुमान बेनीवाल ने मंच से संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करना पड़े तो वह पीछे नहीं हटेंगे।
“छात्रों के लिए लाठी खाने को भी तैयार हूं”
अपने संबोधन में हनुमान बेनीवाल ने कहा कि देश के युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़े तो वह भी उनके साथ खड़े रहेंगे। उनका कहना था कि युवाओं का भविष्य किसी भी सरकार से बड़ा मुद्दा है और इस विषय पर सभी को गंभीरता से काम करना चाहिए।
सर्वदलीय बैठक में भी उठाया छात्रों का मुद्दा
बेनीवाल ने बताया कि उन्होंने संसद सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक में भी पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार का मुद्दा प्रमुखता से रखा।
उन्होंने कहा कि इस विषय पर व्यापक सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है।
क्या हैं आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें?
जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में शामिल छात्र और विभिन्न संगठनों ने कई प्रमुख मांगें रखी हैं—
- NEET सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच।
- पेपर लीक मामलों पर सख्त कानून लागू किया जाए।
- परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाए।
- जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
- शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लागू किए जाएं।
सोनम वांगचुक के आंदोलन को भी मिला समर्थन
इस आंदोलन के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर बैठे थे। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें चिकित्सकीय देखरेख के लिए अस्पताल ले जाया गया।
उनके समर्थन में कई सामाजिक संगठनों, छात्रों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
विपक्ष के कई नेता भी पहुंचे जंतर-मंतर
छात्र आंदोलन को समर्थन देने के लिए विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां भी जंतर-मंतर पहुंचीं।
इनमें प्रमुख रूप से—
- सांसद चंद्रशेखर आजाद
- सांसद इकरा हसन
- अभिनेता प्रकाश राज
- विभिन्न छात्र संगठनों के प्रतिनिधि
ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन व्यक्त किया।
संसद मार्च को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
आंदोलनकारियों की ओर से संसद मार्च की घोषणा के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है।
संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और बैरिकेडिंग की गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
आंदोलन ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
हनुमान बेनीवाल के जंतर-मंतर पहुंचने के बाद इस आंदोलन को राजनीतिक स्तर पर भी नई चर्चा मिली है। राजस्थान सहित कई राज्यों के छात्र संगठन लगातार परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठा रहे हैं।
आने वाले दिनों में संसद सत्र के दौरान इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
Hanuman Beniwal Jantar Mantar दौरे ने छात्रों के आंदोलन को नई राजनीतिक मजबूती दी है। सांसद बेनीवाल ने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली के लिए उनकी आवाज संसद से लेकर सड़क तक उठती रहेगी। अब सभी की नजर केंद्र सरकार और आगामी संसद सत्र के दौरान इस मुद्दे पर होने वाली चर्चाओं पर रहेगी।

