GoldSilverCrash से बाजार में हड़कंप, सोना 18 हजार और चांदी 1.20 लाख सस्ती
GoldSilverCrash का बड़ा असर, रिकॉर्ड हाई से टूटा सोना-चांदी का बाजार
सोने और चांदी की कीमतों में आज यानी 26 मई को बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी IBJA के अनुसार 1 किलो चांदी की कीमत 4,750 रुपए घटकर 2.66 लाख रुपए पर पहुंच गई है। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1,135 रुपए टूटकर 1.58 लाख रुपए हो गया है। GoldSilverCrash अब निवेशकों और आम लोगों के बीच चर्चा का बड़ा विषय बन गया है।

इस साल की शुरुआत में सोने ने जबरदस्त तेजी दिखाई थी। 31 दिसंबर 2025 को सोने की कीमत करीब 1.33 लाख रुपए थी, लेकिन सिर्फ एक महीने के भीतर यानी 29 जनवरी 2026 को यह रिकॉर्ड 1.76 लाख रुपए तक पहुंच गया। हालांकि अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। अपने ऑलटाइम हाई से सोना करीब 18 हजार रुपए तक सस्ता हो चुका है। GoldSilverCrash ने बाजार में हलचल मचा दी है।
चांदी में सोने से भी ज्यादा उतार चढ़ाव देखने को मिला। 31 दिसंबर 2025 को चांदी की कीमत करीब 2.30 लाख रुपए थी। इसके बाद 29 जनवरी 2026 को चांदी ने ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाते हुए 3.86 लाख रुपए प्रति किलो का स्तर छू लिया था। लेकिन अब महज 117 दिनों में चांदी करीब 1.20 लाख रुपए सस्ती हो चुकी है और इसका भाव 2.66 लाख रुपए तक गिर गया है। GoldSilverCrash ने निवेशकों को हैरान कर दिया है।
आमतौर पर जब दुनिया में युद्ध या तनाव का माहौल बनता है तो लोग सुरक्षित निवेश के तौर पर सोना और चांदी खरीदते हैं। इससे इनके दाम तेजी से बढ़ते हैं। लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात के बावजूद सोना और चांदी लगातार टूट रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक निवेशक इस समय मेटल्स की जगह कैश को ज्यादा सुरक्षित मान रहे हैं। यही वजह है कि GoldSilverCrash लगातार देखने को मिल रहा है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि अनिश्चित माहौल में लोग अपने पास ज्यादा लिक्विड मनी रखना चाहते हैं। निवेशक सोना और चांदी बेचकर कैश इकट्ठा कर रहे हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। यही कारण है कि बाजार में गोल्ड और सिल्वर की सप्लाई बढ़ गई है और कीमतों पर दबाव बना हुआ है। GoldSilverCrash के पीछे यह सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है।
इसके अलावा जनवरी महीने में सोने और चांदी ने रिकॉर्ड स्तर छू लिया था। ऐसे में बड़े निवेशकों ने ऊंचे दामों पर मुनाफावसूली शुरू कर दी। उन्होंने अपनी होल्डिंग बेचनी शुरू कर दी, जिससे बाजार में सप्लाई और बढ़ गई। ज्यादा सप्लाई और कमजोर खरीदारी के कारण कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। GoldSilverCrash ने अब छोटे निवेशकों की चिंता भी बढ़ा दी है।
ज्वेलरी मार्केट पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। सोने और चांदी के दाम कम होने से शादी सीजन में खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है। कई लोग जो लंबे समय से कीमतें कम होने का इंतजार कर रहे थे, अब खरीदारी की योजना बना सकते हैं। हालांकि विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि निवेश करते समय बाजार की चाल को समझना बेहद जरूरी है। GoldSilverCrash के बीच जल्दबाजी में फैसला लेना नुकसानदायक हो सकता है।
सोना खरीदते समय लोगों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क यह बताता है कि सोना कितने कैरेट का है और उसकी शुद्धता कितनी है। बिना हॉलमार्क वाला सोना खरीदना जोखिम भरा हो सकता है। GoldSilverCrash के दौरान सस्ते दाम देखकर कई लोग जल्दबाजी कर सकते हैं, लेकिन सावधानी जरूरी है।
दूसरी जरूरी बात यह है कि सोने की कीमत हमेशा खरीदने से पहले क्रॉस चेक करनी चाहिए। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन यानी IBJA जैसी विश्वसनीय वेबसाइट से उस दिन का रेट जरूर देखना चाहिए। इससे ग्राहक सही दाम पर सोना खरीद सकते हैं और धोखाधड़ी से बच सकते हैं। GoldSilverCrash के समय बाजार में गलत रेट बताकर ग्राहकों को भ्रमित करने की संभावना भी बढ़ जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय हालात पर निर्भर करेंगी। अगर मिडिल ईस्ट तनाव और ज्यादा बढ़ता है तो कीमतों में फिर तेजी आ सकती है। वहीं अगर निवेशक कैश होल्डिंग जारी रखते हैं तो बाजार में और गिरावट भी संभव है। फिलहाल GoldSilverCrash ने निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि इस समय निवेश का सही विकल्प क्या होना चाहिए।
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