घंटों बंद फाटक, टूटी बैरियर और लंबा जाम: Asalpur रेलवे फाटक 243 पर ओवरब्रिज की मांग तेज
Asalpur /जोबनेर। जयपुर जिले के आसलपुर–जोबनेर क्षेत्र में स्थित रेलवे फाटक संख्या 243 एक बार फिर क्षेत्रवासियों की परेशानी का प्रमुख कारण बना हुआ है। लंबे समय तक बंद रहने वाले इस रेलवे फाटक के कारण प्रतिदिन हजारों लोगों को जाम, देरी और असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि वर्षों से चली आ रही इस समस्या का आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है, जबकि रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण की मांग लगातार उठाई जाती रही है।

भीषण गर्मी और लू के इस दौर में रेलवे फाटक पर लगने वाला लंबा जाम आमजन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार दिनभर में कई बार फाटक लंबे समय तक बंद रहता है, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। दोपहिया, चारपहिया वाहन, बसें और ट्रक घंटों तक फंसे रहते हैं। ऐसे में लोगों को तेज धूप में खड़े होकर इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनकी दिनचर्या और कार्य प्रभावित होते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार एक ट्रेन गुजरने के बाद भी फाटक तुरंत नहीं खोला जाता। कुछ मामलों में थोड़े समय के लिए रास्ता खोलकर फिर दोबारा बंद कर दिया जाता है। इस स्थिति में वाहन चालकों और राहगीरों के बीच जल्द निकलने की होड़ मच जाती है, जिससे अव्यवस्था बढ़ जाती है। हाल ही में इसी जल्दबाजी के चलते रेलवे फाटक का बैरियर वाहन की टक्कर से क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि जाम और बार-बार बंद होने की समस्या का समाधान किया जाए तो ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह केवल यातायात की समस्या नहीं बल्कि सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। रोजाना नौकरीपेशा लोग अपने कार्यस्थल पर देर से पहुंचते हैं, मजदूरों की दिहाड़ी प्रभावित होती है और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। स्कूल, कॉलेज और प्रतियोगी परीक्षाओं में जाने वाले विद्यार्थियों के लिए भी यह बड़ी परेशानी बन चुकी है। कई अभ्यर्थियों ने समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पाने की चिंता व्यक्त की है।
महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह समस्या और भी गंभीर है। तेज गर्मी में लंबे समय तक जाम में फंसे रहने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ जाती हैं। कई बार मरीजों को अस्पताल ले जा रहे वाहन भी फाटक बंद होने के कारण रुक जाते हैं, जिससे स्थिति और अधिक चिंताजनक हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आपातकालीन सेवाओं के लिए भी यह रेलवे फाटक बाधा बनता जा रहा है।
लगातार लगने वाले जाम के कारण सड़क पर अनुशासनहीनता भी बढ़ रही है। जल्दबाजी में कई वाहन चालक गलत दिशा से वाहन निकालने की कोशिश करते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। कई बार वाहन आपस में टकरा जाते हैं और विवाद की स्थिति पैदा हो जाती है। क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना भी हो सकती है।
रेलवे फाटक संख्या 243 पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग वर्षों पुरानी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभिन्न सरकारों और जनप्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर आश्वासन दिए गए, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कांग्रेस सरकार के समय भी यह मांग अधूरी रही और अब राज्य तथा केंद्र में भाजपा सरकार होने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।
नागरिकों ने सांसद, विधायक, रेलवे विभाग और प्रशासन से मांग की है कि रेलवे फाटक संख्या 243 पर जल्द से जल्द रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य स्वीकृत किया जाए। साथ ही फाटक संचालन व्यवस्था की समीक्षा कर अनावश्यक रूप से लंबे समय तक फाटक बंद रखने की समस्या का समाधान किया जाए। लोगों का कहना है कि यदि ओवरब्रिज का निर्माण हो जाता है तो क्षेत्र के हजारों लोगों को जाम, दुर्घटनाओं और समय की बर्बादी से राहत मिल सकेगी।
क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि उनकी वर्षों पुरानी मांग पर अब गंभीरता से विचार किया जाएगा और आसलपुर–जोबनेर क्षेत्र को जल्द ही इस बड़ी समस्या से मुक्ति मिलेगी।

