Dausa Child Death: राखी से पहले करंट ने छीनी 20 महीने के मासूम की जिंदगी, बहनों की कलाई रह गई सूनी

Dausa Child Death: राजस्थान के दौसा जिले से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। रक्षाबंधन का त्योहार आने ही वाला है। बाजारों में राखियों की खरीदारी चल रही है, बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र की दुआएं कर रही हैं, लेकिन दौसा जिले के दुब्बी कस्बे के एक परिवार में इस बार राखी की खुशियां मातम में बदल गईं।
महज 20 महीने का मासूम दिव्यांश खेलते-खेलते पानी की मोटर के पास पहुंच गया और बिजली के करंट की चपेट में आ गया। अस्पताल पहुंचाने तक बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस हादसे ने परिवार से उसका इकलौता बेटा छीन लिया और दो छोटी बहनों का अपने भाई को राखी बांधने का सपना हमेशा के लिए अधूरा छोड़ दिया।
Dausa Child Death की पूरी घटना
जानकारी के अनुसार घटना दौसा जिले के दुब्बी कस्बे के कुम्हार मोहल्ले की है। बुधवार सुबह जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) की ओर से पेयजल आपूर्ति की जा रही थी। पानी का दबाव अपेक्षाकृत कम होने के कारण कई परिवार अपने घरों में लगी मोटरों के जरिए पानी खींच रहे थे।
इसी दौरान हरिमोहन प्रजापत का 20 महीने का बेटा दिव्यांश घर के आंगन में खेल रहा था। खेलते-खेलते वह पानी की मोटर के पास पहुंच गया, जहां मोटर के स्विच में करंट प्रवाहित हो रहा था।
परिवार को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही सेकंड में यह छोटी-सी लापरवाही इतनी बड़ी त्रासदी में बदल जाएगी।
मोटर के स्विच में दौड़ रहा था करंट
प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार मोटर के स्विच में तकनीकी खराबी के कारण बिजली का करंट आ गया था। जैसे ही मासूम ने स्विच को हाथ लगाया, वह करंट की चपेट में आ गया।
परिजनों ने तुरंत बच्चे को छुड़ाया और बिना देर किए उसे दौसा के राजकीय अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने बच्चे की जांच की लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह खबर मिलते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया।
राखी से पहले उजड़ गया परिवार का सबसे बड़ा सहारा
दिव्यांश अपने परिवार का सबसे छोटा सदस्य था। उसकी दो बड़ी बहनें—एक छह वर्ष और दूसरी चार वर्ष की—रक्षाबंधन पर अपने छोटे भाई को राखी बांधने का बेसब्री से इंतजार कर रही थीं।
परिवार के लोगों के अनुसार दोनों बच्चियां कई दिनों से अपने भाई के साथ त्योहार मनाने की बातें कर रही थीं। लेकिन त्योहार आने से पहले ही यह खुशी हमेशा के लिए छिन गई।
अब दोनों बहनों की कलाई पर राखी तो होगी, लेकिन उनके भाई की कलाई हमेशा के लिए सूनी रह गई।
पूरे मोहल्ले में पसरा मातम
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में परिवार के घर पहुंचने लगे। पूरे कुम्हार मोहल्ले में शोक का माहौल बन गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि दिव्यांश बेहद चंचल और सभी का चहेता बच्चा था। किसी को विश्वास नहीं हो रहा कि कुछ ही क्षणों में खेलता-कूदता मासूम दुनिया छोड़ जाएगा।
परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पिता हरिमोहन प्रजापत सदमे में हैं।
बिजली सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर घरों में उपयोग होने वाले बिजली उपकरणों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि—
- खुले बिजली स्विच बच्चों की पहुंच से दूर होने चाहिए।
- पानी की मोटर की नियमित जांच करानी चाहिए।
- अर्थिंग सही स्थिति में होनी चाहिए।
- खराब वायरिंग और खुले तारों को तुरंत बदलना चाहिए।
- बच्चों को बिजली उपकरणों से दूर रखने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
यदि इन बातों का ध्यान रखा जाए तो ऐसे कई हादसों को रोका जा सकता है।
त्योहार की खुशियां मातम में बदलीं
रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक माना जाता है। ऐसे समय में किसी परिवार से उसके सबसे छोटे बेटे का यूं अचानक चले जाना पूरे समाज को भावुक कर देता है।
दिव्यांश की मौत ने न केवल उसके माता-पिता बल्कि उसकी दोनों बहनों के बचपन से भी एक अनमोल रिश्ता छीन लिया।
प्रशासन और विभागों के लिए भी सबक
हालांकि यह घटना घरेलू बिजली व्यवस्था से जुड़ी बताई जा रही है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता अभियान और नियमित निरीक्षण बेहद जरूरी हैं।
ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में अक्सर पानी की मोटर और बिजली कनेक्शन अस्थायी तरीके से लगाए जाते हैं, जिससे करंट लगने की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
Dausa Child Death से क्या सीख मिलती है
यह हादसा बताता है कि—
- घर में बिजली उपकरणों की नियमित जांच बेहद जरूरी है।
- बच्चों को खुले बिजली स्विच से दूर रखें।
- पानी और बिजली के संयोजन वाले स्थानों पर विशेष सावधानी रखें।
- खराब वायरिंग या स्विच को तुरंत बदलें।
- सुरक्षा मानकों की अनदेखी कभी भी जानलेवा साबित हो सकती है।
Dausa Child Death केवल एक हादसा नहीं बल्कि एक ऐसी त्रासदी है जिसने रक्षाबंधन से पहले एक परिवार की खुशियां छीन लीं। 20 महीने के मासूम दिव्यांश की मौत ने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। दो छोटी बहनों का भाई को राखी बांधने का सपना अधूरा रह गया, जबकि माता-पिता के सामने जिंदगी भर का दर्द छोड़ गया।
यह घटना हर परिवार के लिए एक चेतावनी भी है कि घर में बिजली से जुड़े उपकरणों की सुरक्षा को कभी हल्के में नहीं लेना चाहिए।

