Bareilly: विवेचना में लापरवाही पर इज्जतनगर थाने के दो दरोगा निलंबित, विभागीय जांच शुरू
Bareilly। पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बरेली ने थाना इज्जतनगर में तैनात दो उप निरीक्षकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विवेचना कार्य में लापरवाही, लंबित मामलों के निस्तारण में उदासीनता तथा वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी करने के आरोपों के चलते दोनों दरोगाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और इसे विभागीय अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार थाना इज्जतनगर में तैनात उप निरीक्षक रोहन राणा और उप निरीक्षक सुनीत कुमार के विरुद्ध यह कार्रवाई सहायक पुलिस आयुक्त एवं क्षेत्राधिकारी नगर तृतीय की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। विभागीय समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि दोनों अधिकारियों के पास कई महत्वपूर्ण आपराधिक मामलों की विवेचना लंबित थी। बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद मामलों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई और न ही समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक विवेचना किसी भी आपराधिक मामले की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है। यदि जांच समय पर पूरी नहीं होती तो न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होती है और पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने में अनावश्यक देरी होती है। समीक्षा में सामने आया कि दोनों उप निरीक्षकों ने न केवल लंबित मामलों के निस्तारण में रुचि नहीं दिखाई, बल्कि उच्चाधिकारियों द्वारा मांगी गई सूचनाएं और प्रगति रिपोर्ट भी समय पर उपलब्ध नहीं कराईं। इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना गया।
एसएसपी कार्यालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पुलिस विभाग में कार्य के प्रति लापरवाही और निर्देशों की अवहेलना किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। कानून व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने और जनता का विश्वास कायम रखने के लिए प्रत्येक पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारी है कि वह अपने दायित्वों का ईमानदारी और समयबद्ध तरीके से निर्वहन करे। ऐसे में विभाग की छवि को प्रभावित करने वाले किसी भी आचरण पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निलंबन आदेश जारी होने के बाद दोनों उप निरीक्षकों को पुलिस लाइन बरेली से संबद्ध कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। यदि किसी आवश्यक कार्य से बाहर जाना होगा तो इसके लिए सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। शासन की नियमावली के अनुसार दोनों अधिकारियों को निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
पुलिस विभाग ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। जांच में उनके कार्यों, लंबित विवेचनाओं की स्थिति, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के पालन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के निर्वहन की विस्तार से समीक्षा की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ और भी कठोर विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि हाल के दिनों में लंबित विवेचनाओं के निस्तारण को लेकर विभाग विशेष अभियान चला रहा है। सभी थानों और जांच अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से मामलों का निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में इज्जतनगर थाने के दो उप निरीक्षकों पर हुई कार्रवाई को एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभाग किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरतेगा।
एसएसपी की इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में जवाबदेही और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे अन्य अधिकारियों को भी अपने दायित्वों के प्रति अधिक सतर्क और जिम्मेदार रहने का संदेश मिला है। विभागीय जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

