सोना-चांदी हुआ सस्ता, 19 दिनों में गोल्ड 11 हजार और सिल्वर 31 हजार रुपए टूटा
सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए राहत भरी खबर है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी और निवेशकों की बदलती रणनीति के चलते घरेलू सर्राफा बाजार में लगातार गिरावट का दौर जारी है। 19 जून को भी सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इससे आभूषण खरीदने वाले ग्राहकों के साथ-साथ निवेशकों का ध्यान भी एक बार फिर बुलियन मार्केट की ओर आकर्षित हुआ है।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार शुक्रवार को चांदी की कीमत में भारी गिरावट देखने को मिली। एक किलो चांदी 8,218 रुपए सस्ती होकर 2.32 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई। इससे पहले चांदी का भाव करीब 2.40 लाख रुपए प्रति किलो था। एक ही दिन में आई इस बड़ी गिरावट ने बाजार में हलचल पैदा कर दी है।
वहीं सोने की कीमत में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने का भाव 3,123 रुपए घटकर लगभग 1.45 लाख रुपए पर पहुंच गया। इससे एक दिन पहले इसकी कीमत करीब 1.48 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। लगातार गिरती कीमतों के कारण सोना खरीदने की योजना बना रहे लोगों को राहत मिली है।

अगर पूरे जून महीने की बात करें तो सिर्फ 19 दिनों के भीतर सोना करीब 11 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है। वहीं चांदी की कीमत में लगभग 31 हजार रुपए प्रति किलो की गिरावट दर्ज की गई है। यह गिरावट हाल के महीनों में सबसे बड़ी मानी जा रही है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण हैं। अमेरिका और अन्य प्रमुख देशों की आर्थिक नीतियों, डॉलर की मजबूती, ब्याज दरों को लेकर निवेशकों की धारणा और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग में कमी का असर सीधे बुलियन मार्केट पर पड़ा है। जब वैश्विक स्तर पर निवेशक सुरक्षित निवेश के विकल्पों से दूरी बनाते हैं तो सोने और चांदी की कीमतों में दबाव देखने को मिलता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बाजार में भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी है। इसके कारण कीमती धातुओं की कीमतों में नरमी आई है। हालांकि लंबे समय के निवेश के नजरिए से सोना अभी भी एक मजबूत विकल्प माना जा रहा है।
सर्राफा कारोबारियों का कहना है कि कीमतों में गिरावट का असर बाजार में ग्राहकों की संख्या पर दिखाई देने लगा है। शादी-विवाह और त्योहारों के आगामी सीजन को देखते हुए कई लोग अब खरीदारी की तैयारी कर रहे हैं। कम कीमतों का फायदा उठाने के लिए ग्राहकों की रुचि बढ़ रही है।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में दबाव बना रहता है तो आने वाले दिनों में कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में किसी भी बड़े बदलाव की स्थिति में सोना और चांदी फिर से तेजी पकड़ सकते हैं।
निवेश सलाहकारों के अनुसार निवेशकों को कीमतों में आई इस गिरावट को अवसर के रूप में देखना चाहिए, लेकिन किसी भी निवेश से पहले बाजार की स्थिति और अपने वित्तीय लक्ष्यों का आकलन करना जरूरी है। फिलहाल सोना और चांदी दोनों ही अपने हालिया उच्च स्तरों से काफी नीचे आ चुके हैं, जिससे खरीदारों को राहत और निवेशकों को नए अवसर मिल रहे हैं।

