Ashok Gehlot Paper Leak Allegation: RAS से NEET तक गहलोत ने भजनलाल सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं और कथित पेपर लीक मामलों को लेकर सियासी बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। Ashok Gehlot Paper Leak Allegation के तहत पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के उस दावे पर सवाल उठाए हैं, जिसमें कहा गया था कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में कोई पेपर लीक नहीं हुआ। गहलोत ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से कई परीक्षाओं का उल्लेख करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
Ashok Gehlot Paper Leak Allegation में क्या कहा गया?
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच क्यों नहीं कराई गई। उनके अनुसार यदि सभी मामलों की पारदर्शी जांच हो तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार तथ्यों को सामने लाने के बजाय उन्हें दबाने का प्रयास कर रही है।
RAS, NEET और अन्य परीक्षाओं का किया उल्लेख
अपने बयान में गहलोत ने कई भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं का जिक्र किया।
NEET-UG
गहलोत ने कहा कि NEET-UG परीक्षा से जुड़े विवादों में राजस्थान का नाम सामने आया और बड़ी संख्या में छात्रों ने शिकायतें दर्ज कराईं।
RAS भर्ती परीक्षा
उन्होंने दावा किया कि झुंझुनूं जिले के नवलगढ़ परीक्षा केंद्र पर प्रश्नपत्र के पैकेट को लेकर विवाद सामने आया था, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
प्राध्यापक भर्ती परीक्षा
उन्होंने आरोप लगाया कि एक परीक्षा केंद्र पर सील से जुड़े सवाल उठे थे, जिनकी भी पूरी जांच आवश्यक है।
LDC भर्ती परीक्षा
गहलोत ने जैसलमेर के एक परीक्षा केंद्र का उल्लेख करते हुए कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाया।
RSSB OMR मामला
उन्होंने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) से जुड़े OMR शीट विवाद का भी जिक्र किया और कहा कि इसकी पूरी जांच होनी चाहिए।
SI भर्ती परीक्षा को लेकर भी सरकार पर निशाना
पूर्व मुख्यमंत्री ने SI भर्ती परीक्षा विवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का रुख स्पष्ट नहीं रहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार भर्ती रद्द करने की बात करती रही, वहीं दूसरी ओर अदालत में उसका अलग पक्ष सामने आया।
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर भी उठाए सवाल
गहलोत ने प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर आंदोलन कर रहे युवाओं पर हुई पुलिस कार्रवाई का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को सुनने के बजाय उन पर कार्रवाई करना लोकतांत्रिक भावना के अनुरूप नहीं माना जा सकता।
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का भी किया जिक्र
अपने बयान में गहलोत ने कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान पेपर लीक से जुड़े मामलों में कई गिरफ्तारियां हुई थीं।
उन्होंने दावा किया कि—
- पेपर लीक मामलों में सैकड़ों लोगों पर कार्रवाई हुई।
- कथित माफिया के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए।
- कठोर कानूनी प्रावधान लागू किए गए।
- संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई।
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की जा रही है।
भजनलाल सरकार की ओर से क्या कहा गया?
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा इससे पहले सार्वजनिक रूप से यह कह चुके हैं कि उनके कार्यकाल में पेपर लीक की कोई घटना नहीं हुई।
वर्तमान खबर में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसी दावे पर सवाल उठाते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी है।
राजनीतिक बहस क्यों तेज हुई?
पेपर लीक का मुद्दा राजस्थान में लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना हुआ है।
मुख्य कारण—
- प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग
- भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के आरोप
- छात्रों के प्रदर्शन
- विपक्ष और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप
- जांच एजेंसियों की कार्रवाई
इसी वजह से Ashok Gehlot Paper Leak Allegation एक बार फिर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गया है।
आगे क्या?
अब इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच बयानबाजी जारी रहने की संभावना है। जिन मामलों की जांच संबंधित एजेंसियों के पास लंबित है, उनमें कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
राजनीतिक बयान और आरोप अपने-अपने पक्ष के हैं। अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होंगे।
Ashok Gehlot Paper Leak Allegation ने राजस्थान की राजनीति में पेपर लीक का मुद्दा फिर से चर्चा में ला दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने RAS, NEET, SI भर्ती, LDC और अन्य परीक्षाओं से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं सरकार पहले ही इन आरोपों को अलग दृष्टिकोण से देखती रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

