100 करोड़ फर्जी GST इनवॉइस मामले में बड़ी पुलिस कार्रवाई
100 करोड़ फर्जी GST इनवॉइस मामले में बरेली में जीएसटी एसआईटी और थाना कैंट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठित गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि फर्जी फर्मों और बैंक खातों के जरिए 100 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन किया गया।
पुलिस के अनुसार, इस पूरे नेटवर्क में बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के फर्जी बिल तैयार किए जाने का आरोप है। मामले की जांच अभी जारी है और 10 से अधिक लोगों की भूमिका जांच के दायरे में बताई जा रही है।
एसपी क्राइम के पर्यवेक्षण में हुई कार्रवाई
पुलिस कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में की गई। एसपी क्राइम और एसआईटी के नोडल अधिकारी मनीष चंद्र सोनकर के पर्यवेक्षण में जांच को आगे बढ़ाया गया। मुख्य विवेचक एवं कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार धीर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपियों की गतिविधियों और फर्जी फर्मों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की।
पुलिस के मुताबिक, इससे पहले सद्दाम हुसैन और मोहम्मद समद उर्फ शाहरुख को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसके बाद जांच में सामने आए अन्य संदिग्धों पर कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

नेपाल में छिपकर चला रहा था नेटवर्क
जांच के दौरान पुलिस को गिरोह के संचालन से जुड़ी अहम जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, आरोपी फरजान हाशमी घटना के बाद नेपाल चला गया था। वहां कथित तौर पर पहचान छिपाकर ‘संदीप’ नाम से रह रहा था।
पुलिस का कहना है कि वह मोबाइल एप के माध्यम से अपने साथियों के संपर्क में था। पूछताछ में उससे नेटवर्क और उससे जुड़े लोगों के संबंध में जानकारी जुटाई गई है। अब पुलिस उसके बताए सुरागों के आधार पर अन्य आरोपियों और फर्जी फर्मों की भूमिका की जांच कर रही है।

सागर अग्रवाल को बताया गया मुख्य सरगना
पुलिस की जांच में सागर अग्रवाल का नाम कथित मुख्य सरगना के तौर पर सामने आया है। आरोप है कि वह वास्तविक लाभार्थी कंपनियों और बोगस ITC तैयार करने वाली फर्जी फर्मों के बीच संपर्क का काम करता था।
जांच में यह भी सामने आया कि डीएम कंपाउंड के सामने कार्यालय खोलकर विनीत अरोरा, अनुज अग्रवाल और अन्य लोग कथित तौर पर फर्जी फर्मों की चेन संचालित कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, दिल्ली निवासी आसिफ के जरिए फर्जी आधार और पैन कार्ड हासिल कर कई फर्में तैयार की गईं। इन फर्मों के नाम पर बिना वास्तविक माल की आपूर्ति किए बिल तैयार किए जाने का आरोप है।
100 करोड़ से ज्यादा के लेनदेन की जांच
100 करोड़ फर्जी GST इनवॉइस मामले में पुलिस ने विभिन्न बैंक खातों से हुए 100 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन के साक्ष्य मिलने का दावा किया है।
जांच में विनीत अरोरा, अनुज अग्रवाल, शिवम गुप्ता उर्फ लल्ला, सैय्यद सैफ, शाजिर और आसिफ समेत कई लोगों की भूमिका सामने आने की बात कही गई है।
पुलिस ने अलग-अलग मुकदमों में आरोपी बताए गए सागर अग्रवाल, विनीत अरोरा, अनुज अग्रवाल और शिवम गुप्ता उर्फ लल्ला को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी भी पुलिस कार्रवाई में बताई गई है।
कई फर्जी फर्मों के दस्तावेज जांच के दायरे में
जांच एजेंसियों के सामने कई फर्मों के नाम आए हैं। इनमें एफएस ट्रेडर्स, नाइट स्टार, आर्ट लाइफ हुडा, आर्ट लाइफ एसोसिएट, अरहम एग्रो फूड्स, सिद्धि विनायक एंटरप्राइज और मां एंटरप्राइज शामिल हैं।
पुलिस इन फर्मों से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों, लेनदेन और संचालकों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि फर्जी बिलिंग का नेटवर्क कितनी कंपनियों और व्यक्तियों तक फैला हुआ था।
लैपटॉप और मोबाइल समेत इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, चार्जर, माउस और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस इनके जरिए कथित तौर पर फर्जी फर्मों, बैंक खातों, लेनदेन और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में डिजिटल साक्ष्य जुटाने में लगी है।
10 से ज्यादा आरोपी जांच के घेरे में
मामले में पुलिस की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। अधिकारियों के अनुसार 10 से अधिक लोगों की भूमिका जांच के दायरे में है। कुछ आरोपी फरार बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि 100 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन में किन-किन कंपनियों और लोगों की भूमिका रही और कथित फर्जी ITC नेटवर्क किस तरह संचालित किया जा रहा था।
आगे और गिरफ्तारियां संभव
100 करोड़ फर्जी GST इनवॉइस मामले में पुलिस और जीएसटी एसआईटी की जांच आगे बढ़ने के साथ नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की संभावना है। बैंक खातों, फर्जी दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिलने वाले साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ फर्जी फर्मों और उनके वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद इस कथित GST इनवॉइस सिंडिकेट के नेटवर्क और आर्थिक लेनदेन से जुड़ी तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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