सोना-चांदी फिर चमके: 22 जून को कीमतों में बड़ी तेजी, निवेशकों और खरीदारों की बढ़ी दिलचस्पी
देश में सोना और चांदी की कीमतों में एक बार फिर जोरदार तेजी देखने को मिली है। 22 जून को दोनों कीमती धातुओं के दामों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और आम खरीदारों का ध्यान एक बार फिर बुलियन बाजार की ओर आकर्षित हुआ है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोना और चांदी दोनों ने मजबूत बढ़त हासिल की है।
IBJA के अनुसार, एक किलो चांदी की कीमत में 5,828 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही चांदी का भाव बढ़कर 2.38 लाख रुपए प्रति किलोग्राम पहुंच गया है। इससे पहले 19 जून को चांदी की कीमत लगभग 2.32 लाख रुपए प्रति किलो थी। एक ही कारोबारी सत्र में आई इस तेजी ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है।

वहीं सोने की बात करें तो 24 कैरेट शुद्धता वाले 10 ग्राम सोने की कीमत में 2,340 रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बाद सोना 1.47 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। 19 जून को इसकी कीमत करीब 1.45 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण आभूषण खरीदने की योजना बना रहे लोगों की चिंता भी बढ़ गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और निवेशकों द्वारा सुरक्षित निवेश विकल्पों की तलाश के कारण सोने और चांदी की मांग में वृद्धि हो रही है। यही वजह है कि इन धातुओं की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है।
यदि पूरे वर्ष 2026 की बात करें तो सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को अच्छा रिटर्न दिया है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग 1.33 लाख रुपए थी, जो अब बढ़कर 1.47 लाख रुपए पहुंच चुकी है। इस तरह सोना इस वर्ष अब तक 14,111 रुपए महंगा हो चुका है।
इसी प्रकार चांदी की कीमत भी 31 दिसंबर 2025 को लगभग 2.30 लाख रुपए प्रति किलो थी, जो अब 2.38 लाख रुपए प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई है। यानी इस वर्ष चांदी में भी 7,381 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि कीमती धातुओं में निवेश करने वालों को इस साल अच्छा लाभ मिला है।
हालांकि इस वर्ष कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला। 29 जनवरी 2026 को सोने ने 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम का ऑलटाइम हाई बनाया था, जबकि चांदी 3.86 लाख रुपए प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई थी। इसके बाद कीमतों में गिरावट आई, लेकिन अब फिर से तेजी का दौर देखने को मिल रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोना खरीदते समय ग्राहकों को कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले हमेशा BIS हॉलमार्क वाला प्रमाणित सोना ही खरीदना चाहिए। हॉलमार्क यह सुनिश्चित करता है कि खरीदा गया सोना निर्धारित शुद्धता का है। हॉलमार्क पर अंकित अल्फान्यूमेरिक कोड सोने की गुणवत्ता की पहचान कराता है।
इसके अलावा खरीदारों को सोना खरीदने से पहले उसकी कीमत विभिन्न विश्वसनीय स्रोतों से अवश्य जांच लेनी चाहिए। IBJA जैसी संस्थाओं की वेबसाइट पर रोजाना सोने और चांदी के ताजा भाव उपलब्ध होते हैं। साथ ही यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमतें अलग-अलग होती हैं।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां इसी तरह बनी रहती हैं तो आने वाले समय में सोना और चांदी दोनों की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों को सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है।

