सलमान खान ड्रग्स तस्करी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हनुमानगढ़ के टिब्बी क्षेत्र में आरोपी की करीब एक करोड़ रुपए से अधिक कीमत की कोठी सील कर दी है। पुलिस के अनुसार, सलमान खान उर्फ लखा लंबे समय से चिट्टा यानी हेरोइन की तस्करी से जुड़ा हुआ था और इसी अवैध कमाई से उसने आलीशान मकान खड़ा किया।
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर WhatsApp के जरिए नशे की डील करता था। इसके बाद बाइक से सप्लाई पहुंचाने का काम करता था। पुलिस के मुताबिक उसका नेटवर्क श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के अलावा राजस्थान से सटे पंजाब के कई जिलों तक फैला हुआ था।
आरोपी के खिलाफ कम उम्र से ही आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

सलमान खान ड्रग्स तस्करी में कैसे आया?
पुलिस के अनुसार, सलमान खान हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी थाना क्षेत्र के गुड़िया गांव के वार्ड नंबर 5 का रहने वाला है। पुलिस का दावा है कि वह कम उम्र से ही आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो गया था।
बताया गया है कि सलमान ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है और अधिक पैसा कमाने की चाह में वह धीरे-धीरे नशे के कारोबार से जुड़ गया। समय के साथ उसने कथित तौर पर खुद का सप्लाई नेटवर्क तैयार कर लिया।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ राजस्थान में NDPS एक्ट के तीन, चोरी का एक और आर्म्स एक्ट का एक मामला, यानी कुल पांच मामले दर्ज हैं। इसके अलावा पंजाब में भी उसके
खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

17 साल की उम्र में दर्ज हुआ पहला मामला
सलमान के खिलाफ पहला मामला वर्ष 2018 में पंजाब में NDPS एक्ट के तहत दर्ज हुआ था। उस समय उसकी उम्र करीब 17 साल बताई गई है।
इसके बाद वर्ष 2022 में हनुमानगढ़ के टिब्बी थाना क्षेत्र में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज हुआ।
फिर 3 अप्रैल 2025 को टिब्बी पुलिस की कार्रवाई में सलमान को चिट्टा तस्करी के मामले में पकड़ा गया। इसी प्रकरण से जुड़े मामले में श्रीगंगानगर के कोतवाली थाने में 9 मई 2025 को चोरी का केस भी दर्ज हुआ।
पुलिस अब उसके पुराने मामलों और कथित ड्रग नेटवर्क के बीच संबंधों की भी जांच कर रही है।

बाइक से करता था चिट्टे की सप्लाई
पुलिस के अनुसार, 3 अप्रैल 2025 को टिब्बी पुलिस ने गुड़िया क्षेत्र में सलमान खान को बाइक पर पकड़ा था।
तलाशी के दौरान उसके पास से 62.07 ग्राम चिट्टा और करीब 14 हजार रुपए नकद बरामद होने का दावा किया गया। इसके बाद उसके खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, सलमान खुद बाइक से नशे की डिलीवरी करने जाता था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वह नशीला पदार्थ कहां से हासिल करता था और इसे आगे किन लोगों तक पहुंचाता था।
WhatsApp से होती थी ड्रग्स की डील
पुलिस की जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी मई 2026 में सामने आई। 13 मई 2026 को टिब्बी पुलिस ने सुरेवाला इलाके से हरजीत सिंह उर्फ डॉक्टर को 10.25 ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था।
हरजीत सिंह, जिसकी उम्र करीब 42 साल बताई गई है, पुरखाराम की ढाणी, तंदूरवाली का निवासी है। पुलिस पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि गिरफ्तारी से करीब दो दिन पहले उसने सलमान खान से 15 ग्राम चिट्टा खरीदा था।
पुलिस के मुताबिक दोनों की पहचान WhatsApp के माध्यम से हुई थी। इसी प्लेटफॉर्म पर कथित तौर पर नशे की डील तय की गई।
हरजीत से मिली जानकारी के बाद पुलिस को सलमान की भूमिका एक सामान्य पैडलर से आगे बढ़कर कथित सप्लायर के रूप में सामने आने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने उसके नेटवर्क की जांच तेज कर दी।

करोड़ों की अवैध कमाई से प्रॉपर्टी बनाने का आरोप
पुलिस ने सलमान की आय, संपत्ति और पैसों के लेनदेन की भी जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, उसकी संपत्ति के अनुपात में कोई स्पष्ट वैध आय का स्रोत सामने नहीं आया।
जांच में पुलिस का दावा है कि सलमान लंबे समय से नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़ा हुआ था और इसी कमाई से उसने एक आलीशान मकान तैयार कराया।
इसी आधार पर टिब्बी स्थित उसके करीब 360 वर्गगज के कोठीनुमा मकान को सील कर दिया गया। पुलिस ने इस संपत्ति की कीमत एक करोड़ रुपए से अधिक बताई है।
हालांकि, संपत्ति और उसकी आय के स्रोत से जुड़े आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस खंगाल रही आरोपी की दूसरी संपत्तियां
टिब्बी थानाधिकारी राकेश सांखला के अनुसार, पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सलमान के नाम पर या उसके परिवार से जुड़े लोगों के नाम पर और कितनी संपत्तियां मौजूद हैं।
जांच टीम जमीन, मकान और अन्य प्रॉपर्टी से संबंधित रिकॉर्ड जुटा रही है। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित अवैध कमाई का इस्तेमाल किन संपत्तियों या अन्य माध्यमों में किया गया।
अगर जांच में अन्य संपत्तियों का संबंध कथित नशीले पदार्थों के कारोबार से सामने आता है, तो उन पर भी नियमानुसार कार्रवाई हो सकती है।
पुलिस के सामने अब कई सवाल
सलमान खान ड्रग्स तस्करी मामले में पुलिस की जांच अब उसके कथित नेटवर्क और आर्थिक लेनदेन पर केंद्रित है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं:
- नशीला पदार्थ उसे कहां से मिलता था?
- उसके नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे?
- WhatsApp के जरिए कितने लोगों से संपर्क किया गया?
- श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ के अलावा पंजाब में नेटवर्क कितना फैला था?
- कथित ड्रग्स कारोबार से कितनी रकम जुटाई गई?
- आरोपी और उसके परिवार से जुड़े लोगों के नाम पर कितनी संपत्तियां हैं?
- क्या अन्य संपत्तियां भी कथित अवैध कमाई से खरीदी गईं?
इन सवालों के जवाब पुलिस की आगे की जांच में सामने आने की उम्मीद है।
नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई
राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में नशीले पदार्थों की तस्करी लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती रही है। हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर की सीमा पंजाब से जुड़ी होने के कारण पुलिस नशे की सप्लाई और नेटवर्क पर लगातार नजर रखती है।
सलमान के मामले में पुलिस ने पहले नशे की बरामदगी से जुड़े केस की जांच की और बाद में पूछताछ से कथित सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया।
अब संपत्ति की जांच के जरिए पुलिस कथित ड्रग कारोबार से होने वाली कमाई का पता लगाने में जुटी है।
निष्कर्ष
सलमान खान ड्रग्स तस्करी मामले में पुलिस ने टिब्बी स्थित करीब 360 वर्गगज की कोठी को सील किया है, जिसकी कीमत एक करोड़ रुपए से अधिक बताई गई है।
पुलिस का आरोप है कि सलमान ने नशे के कारोबार से कथित तौर पर बड़ी रकम कमाई और इसी से संपत्ति बनाई। जांच में WhatsApp के जरिए नशे की डील और बाइक से सप्लाई करने की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है।
अब पुलिस आरोपी की अन्य संपत्तियों, आर्थिक लेनदेन और कथित ड्रग नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के परिणामों के आधार पर होगी।
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