जयपुर सफाई अभियान के तहत नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा गुरुवार को शहर की सफाई व्यवस्था का जायजा लेने औचक निरीक्षण पर निकले। उन्होंने परकोटे के कई इलाकों में पैदल घूमकर सफाई व्यवस्था देखी, जबकि तंग गलियों और भीड़भाड़ वाले बाजारों का निरीक्षण ई-रिक्शा से किया।
निरीक्षण के दौरान कई जगह गंदगी और सफाई व्यवस्था में कमियां मिलने पर कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को फटकार लगाई। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल कमियां दूर करने और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नगर निगम के अनुसार, विशेष सफाई अभियान को शहर के चुनिंदा इलाकों तक सीमित नहीं रखा गया है। इसे वार्ड, गली और मोहल्ले तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। मानसून के दौरान गंदगी, जलभराव और मौसमी बीमारियों की समस्या को कम करना भी अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

जयपुर सफाई अभियान में कमिश्नर ने छोटी चौपड़ से शुरू किया निरीक्षण
कमिश्नर ओम कसेरा ने किशनपोल जोन स्थित छोटी चौपड़ से अपने दौरे की शुरुआत की। इसके बाद वह पैदल गणगौरी बाजार होते हुए चौगान स्टेडियम तक पहुंचे।
रास्ते में कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। जगह-जगह कचरा दिखाई देने पर कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा और सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि केवल मुख्य सड़कों की सफाई पर्याप्त नहीं है। शहर की गलियों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी नियमित सफाई होनी चाहिए।

ई-रिक्शा से हवामहल जोन का जायजा
परकोटे के संकरे और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सफाई व्यवस्था देखने के लिए कमिश्नर ई-रिक्शा से निरीक्षण पर निकले। उन्होंने हवामहल जोन के कई क्षेत्रों का दौरा किया।
ई-रिक्शा से निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ने उन स्थानों को भी देखा जहां बड़े सफाई वाहन आसानी से नहीं पहुंच पाते। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे क्षेत्रों में वैकल्पिक संसाधनों के जरिए नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
दौरे में एडिशनल कमिश्नर नरेंद्र कुमार बंसल भी मौजूद रहे।

आवारा पशुओं को पकड़कर हिंगोनिया भेजने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान सड़कों और बाजारों में घूम रहे आवारा पशुओं को लेकर भी कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए।
उन्होंने संबंधित टीमों को आवारा पशुओं को पकड़कर हिंगोनिया गो पुनर्वास केंद्र भेजने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि बाजार और प्रमुख सड़कों पर आवारा पशुओं की समस्या को नियंत्रित करने के लिए नियमित कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही कमिश्नर ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को भी समयबद्ध बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि कचरा संग्रहण की गाड़ियां निर्धारित समय पर लोगों तक पहुंचें, ताकि घरों और दुकानों का कचरा सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर जमा न हो।

गोविंद देवजी मंदिर से बड़ी चौपड़ तक निरीक्षण
हवामहल क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान कमिश्नर गोविंद देवजी मंदिर पहुंचे। इसके बाद उन्होंने जलेबी चौक, हवामहल, बड़ी चौपड़, त्रिपोलिया और चौड़ा रास्ता क्षेत्र का भी जायजा लिया।
परकोटे के इन प्रमुख बाजार क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को लेकर उन्होंने अधिकारियों से जानकारी ली। जहां भी कमियां नजर आईं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
दिनभर के निरीक्षण के बाद कमिश्नर ने अधिकारियों के साथ बैठक भी की। बैठक में निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों पर चर्चा की गई और उन्हें जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए।
जयपुर सफाई अभियान में 2500 कर्मचारी और 1000 से ज्यादा संसाधन
नगर निगम के विशेष सफाई अभियान के तहत गुरुवार को करीब 2500 कर्मचारी सफाई कार्य में जुटे रहे। इसके अलावा 1000 से अधिक संसाधन और मशीनें सफाई व्यवस्था के लिए मैदान में उतारी गईं।
नगर निगम के अनुसार, अभियान के दौरान अलग-अलग वार्डों में जमा कचरे को उठाकर हटाया गया। सफाई के साथ-साथ मानसून के दौरान मच्छरों के प्रकोप और मौसमी बीमारियों को रोकने के लिए फॉगिंग भी करवाई जा रही है।
नगर निगम की ओर से पहले स्वच्छता मैराथन, रंग दे जयपुर और ऑपरेशन क्लीन स्वीप नाइट जैसे अभियान चलाए जा चुके हैं। अब दिन के समय व्यापक सफाई के लिए ऑपरेशन क्लीन स्वीप-डे चलाया जा रहा है।
विशेष सफाई अभियान 25 अगस्त से 7 सितंबर तक चलाया जाएगा।

5 प्रतिशत लोगों की लापरवाही पर कमिश्नर की नाराजगी
निरीक्षण के दौरान कमिश्नर ओम कसेरा ने आमजन से भी सफाई व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि सफाई केवल नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है। उनके मुताबिक करीब 95 प्रतिशत लोग सफाई से जुड़े नियमों का पालन करते हैं, लेकिन लगभग 5 प्रतिशत लोगों की लापरवाही का असर पूरे शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ता है।
कमिश्नर ने लोगों से अपील की कि वे कचरा केवल निर्धारित स्थान पर ही डालें। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की सुविधा उपलब्ध होने के कारण सड़कों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फेंकना चाहिए।
उन्होंने कहा कि फिलहाल नगर निगम लोगों को जागरूक करने पर जोर दे रहा है। यदि इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं किया गया तो भविष्य में सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
मानसून को देखते हुए सफाई व्यवस्था पर जोर
बारिश के मौसम में कचरा जमा होने से जलभराव और मच्छरों की समस्या बढ़ सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए निगम ने विशेष सफाई अभियान के जरिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में सफाई व्यवस्था मजबूत करने का लक्ष्य रखा है।
कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नालियों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा जमा न होने दिया जाए। सफाई के साथ-साथ जलभराव वाले क्षेत्रों पर भी नजर रखी जाए, ताकि बारिश के बाद लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
नगर निगम का उद्देश्य शहर में सफाई व्यवस्था को नियमित करने के साथ-साथ मौसमी बीमारियों के खतरे को कम करना भी है।
इन जोन में भी चलेगा विशेष सफाई अभियान
कमिश्नर ने बताया कि गुरुवार को हवामहल और किशनपोल जोन में विशेष सफाई अभियान चलाया गया। आने वाले दिनों में अन्य जोन में भी इसी तरह व्यापक स्तर पर सफाई करवाई जाएगी।
विशेष अभियान के तहत विद्याधर नगर, झोटवाड़ा, वैशाली, सिविल लाइंस और आदर्श नगर जोन में भी सफाई कार्य को गति दी जाएगी।
नगर निगम का लक्ष्य जयपुर की गलियों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों को साफ रखना है। इसके लिए सफाई कर्मचारियों के साथ मशीनों और अन्य संसाधनों की मदद ली जा रही है।
जयपुर सफाई अभियान का लक्ष्य शहर को स्वच्छ बनाना
नगर निगम कमिश्नर ने कहा कि जयपुर को देश और दुनिया के सुंदर शहरों में अग्रणी बनाने के लिए सफाई व्यवस्था को मजबूत करना जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई कार्य केवल अभियान के दौरान ही नहीं, बल्कि नियमित रूप से जारी रहना चाहिए। किसी इलाके में दोबारा कचरा जमा न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
आमजन से निगम की अपील
नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे घर और दुकान का कचरा सड़क पर न डालें। कचरा संग्रहण वाहन के निर्धारित समय पर आने पर उसी में कचरा दें।
सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फैलाने से शहर की सुंदरता प्रभावित होने के साथ-साथ बारिश के मौसम में जलभराव और बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
निष्कर्ष
जयपुर सफाई अभियान के तहत निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने गुरुवार को परकोटे और हवामहल क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। छोटी चौपड़ से शुरू हुए निरीक्षण में गणगौरी बाजार, चौगान स्टेडियम, गोविंद देवजी मंदिर, जलेबी चौक, हवामहल, बड़ी चौपड़, त्रिपोलिया और चौड़ा रास्ता समेत कई इलाकों का दौरा किया गया।
गंदगी मिलने पर अधिकारियों को फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। अभियान के तहत करीब 2500 कर्मचारी और 1000 से अधिक संसाधन लगाए गए हैं। विशेष सफाई अभियान 25 अगस्त से 7 सितंबर तक चलेगा।
Watch More:-https://youtu.be/Sabs3iGT3P4

