शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 200 अंक से ज्यादा चढ़ा; निफ्टी 23,300 के पार कारोबार कर रहा
मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में बुधवार, 11 जून को सकारात्मक रुख देखने को मिला। निवेशकों की मजबूत खरीदारी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों के बीच प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 200 अंकों से अधिक की तेजी के साथ 74,250 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी भी करीब 50 अंकों की बढ़त के साथ 23,300 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।

बाजार में आज की तेजी का मुख्य कारण निवेशकों का भरोसा और चुनिंदा सेक्टर्स में मजबूत खरीदारी को माना जा रहा है। खासतौर पर फार्मा और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को मजबूती मिली। निवेशकों ने हेल्थकेयर और बैंकिंग कंपनियों के शेयरों में रुचि दिखाई, जिसके चलते इन सेक्टर्स के कई प्रमुख शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।
विश्लेषकों का कहना है कि घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े सकारात्मक संकेत, मजबूत कॉर्पोरेट प्रदर्शन और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों का असर बाजार पर दिखाई दे रहा है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थिरता और वैश्विक निवेशकों के बेहतर सेंटीमेंट ने भी भारतीय शेयर बाजार को समर्थन प्रदान किया है।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से अधिकांश हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर की प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि फार्मा कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी तेजी रही। निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाले समय में इन सेक्टर्स का प्रदर्शन और बेहतर हो सकता है, जिसके चलते इन शेयरों में खरीदारी बढ़ी है।
निफ्टी के सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो निफ्टी फार्मा और निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में सबसे ज्यादा मजबूती दिखाई दी। इसके अलावा एफएमसीजी, ऑटो और आईटी सेक्टर के कुछ शेयरों में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला। हालांकि कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में मुनाफावसूली भी देखने को मिली, लेकिन उसका व्यापक बाजार पर कोई खास असर नहीं पड़ा।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निवेशक फिलहाल आर्थिक आंकड़ों, कॉर्पोरेट नतीजों और वैश्विक घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं। अमेरिका और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की मौद्रिक नीतियां भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यदि वैश्विक बाजारों में स्थिरता बनी रहती है तो भारतीय शेयर बाजार में आगे भी मजबूती देखने को मिल सकती है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की गतिविधियां भी बाजार के लिए अहम बनी हुई हैं। हाल के दिनों में घरेलू निवेशकों की भागीदारी लगातार बढ़ी है, जिससे बाजार को मजबूत आधार मिला है। म्यूचुअल फंड के जरिए निवेश और खुदरा निवेशकों की सक्रियता भी बाजार को समर्थन दे रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत विकास दर, बेहतर कॉर्पोरेट आय और सरकार की विकासोन्मुख नीतियां लंबी अवधि में शेयर बाजार के लिए सकारात्मक कारक हैं। हालांकि निवेशकों को बाजार की मौजूदा परिस्थितियों में सतर्क रहने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
बाजार बंद होने तक निवेशकों की नजर सेंसेक्स और निफ्टी के प्रदर्शन पर बनी रहेगी। यदि खरीदारी का रुझान जारी रहता है तो दोनों प्रमुख सूचकांक दिन के अंत तक और ऊंचे स्तर पर बंद हो सकते हैं। फिलहाल शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है और निवेशकों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।

