शिवचरन कश्यप पर ₹1.20 लाख लेने का आरोप, तहरीर के बाद रकम लौटाने का दावा; धमकी की भी शिकायत
शिवचरन कश्यप पर ₹1.20 लाख लेने का आरोप
शिवचरन कश्यप के खिलाफ बरेली के कैंट थाना क्षेत्र में एक महिला ने शिकायत दर्ज कराते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। कांधरपुर निवासी समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप के खिलाफ शिकायतकर्ता शीतल ने थाने में तहरीर देकर ₹1.20 लाख लेने और बाद में रकम वापस करने का दावा किया है।
महिला के मुताबिक, उसके भाई हर्ष से जुड़े एक एक्सीडेंट केस में पुलिस कार्रवाई और जेल जाने से बचाने का भरोसा देकर कथित तौर पर उससे यह रकम ली गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि रकम की व्यवस्था करने के लिए उसे अपने जेवर बेचने पड़े और लोन भी लेना पड़ा।
महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

शिवचरन कश्यप को रकम देने का महिला ने किया दावा
तहरीर के अनुसार, 15 और 16 जुलाई 2026 की शाम करीब छह बजे शिकायतकर्ता ने शिवचरन कश्यप के आवास पर ₹1.20 लाख रुपये दिए थे।
महिला का आरोप है कि उसके भाई हर्ष को एक दुर्घटना से जुड़े मामले में पुलिस की कार्रवाई और जेल जाने से बचाने का भरोसा दिया गया था। इसी आश्वासन के बाद कथित रूप से उससे पैसे लिए गए।
शिकायतकर्ता के अनुसार, आर्थिक स्थिति के बावजूद उसने किसी तरह रकम जुटाई और इसके बाद पूरी राशि कथित तौर पर शिवचरन कश्यप को सौंप दी।
जेवर बेचकर और लोन लेकर जुटाई रकम
महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि ₹1.20 लाख की व्यवस्था करना उसके लिए आसान नहीं था। आरोप के मुताबिक, रकम जुटाने के लिए उसने अपने जेवर बेचने के साथ लोन का भी सहारा लिया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि रकम देने के बाद उसे उम्मीद थी कि उसके भाई से जुड़े मामले में मदद मिलेगी। हालांकि, बाद में जब उसने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो कथित तौर पर उसे अलग-अलग बातें बताकर टालने की कोशिश की गई।
कैंट थाने पहुंचकर महिला ने दी शिकायत
महिला के मुताबिक, घटना के करीब तीन दिन बाद वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ कैंट थाने पहुंची। वहां उसने पुलिस अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, पुलिस की ओर से उसे बताया गया कि मामले की जांच की जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
महिला का दावा है कि पुलिस ने उसे किसी बिचौलिए या दलाल को पैसे देने से भी सावधान रहने की सलाह दी थी।
रकम वापस मांगने पर धमकी देने का आरोप
शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि जब उसने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की तो उसे लगातार टालमटोल का सामना करना पड़ा। कथित तौर पर उससे कहा गया कि पैसे किसी अधिकारी को दे दिए गए हैं।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि रकम वापस मांगने पर उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, उसे जान से मरवाने की धमकी तक दी गई।
इन आरोपों की भी पुलिस जांच कर रही है और फिलहाल शिकायत में लगाए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
तहरीर देने के बाद करीब एक घंटे में रकम लौटाने का दावा
शिकायतकर्ता के अनुसार, जब उसने कैंट थाने में तहरीर दी तो उसने इस बारे में शिवचरन कश्यप को भी जानकारी दे दी।
महिला का दावा है कि तहरीर दिए जाने की जानकारी मिलने के बाद घटनाक्रम तेजी से बदला। उसके अनुसार, करीब एक घंटे के भीतर ₹1.20 लाख की पूरी रकम उसे वापस कर दी गई।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए अपने बयान में रकम वापस मिलने की बात कही है। अब पुलिस इस बात की भी जांच करेगी कि रकम कब, कैसे और किन परिस्थितियों में वापस की गई।
शिवचरन कश्यप मामले की जांच वरिष्ठ उप निरीक्षक श्रीनिवास को
पुलिस ने शिकायत को जांच में लेते हुए मामले की जिम्मेदारी वरिष्ठ उप निरीक्षक श्रीनिवास को सौंपी है।
जांच के दौरान रुपये के कथित लेन-देन, रकम वापस किए जाने, महिला द्वारा लगाए गए धमकी के आरोप और एक्सीडेंट केस से जुड़े दावों की पड़ताल की जाएगी।
पुलिस यह भी देखेगी कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के समर्थन में कौन-कौन से साक्ष्य उपलब्ध हैं। संबंधित लोगों के बयान और उपलब्ध दस्तावेज जांच का हिस्सा हो सकते हैं।
पुलिस जांच के बाद साफ होगी मामले की पूरी तस्वीर
फिलहाल शिवचरन कश्यप के खिलाफ महिला द्वारा लगाए गए आरोप पुलिस जांच के दायरे में हैं। शिकायतकर्ता ने पैसे लेने, रकम वापस करने में कथित देरी और धमकी देने जैसे आरोप लगाए हैं।
वहीं, इन आरोपों को जांच के निष्कर्ष आने से पहले अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में वास्तव में क्या हुआ और आरोपों में कितनी सच्चाई है।
कैंट थाना पुलिस फिलहाल शिकायत से जुड़े तथ्यों और कथित लेन-देन की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।
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