वेनेजुएला में 126 साल का सबसे शक्तिशाली भूकंप, दो बड़े झटकों से दहला देश, भारी तबाही की आशंका
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला बुधवार शाम आए दो शक्तिशाली भूकंपों से दहल उठा। भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह महसूस किए गए इन भूकंपों ने पूरे देश में अफरा-तफरी मचा दी। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे यानी USGS के अनुसार पहले 7.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके महज 39 सेकेंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक शक्तिशाली झटका महसूस किया गया। वैज्ञानिकों ने इसे एक दुर्लभ “सीस्मिक डबलट” बताया है, जिसमें बहुत कम अंतराल में दो बड़े भूकंप आते हैं।
दोनों भूकंपों का केंद्र राजधानी कराकस से लगभग 280 से 300 किलोमीटर पश्चिम में था। हालांकि झटके इतने तेज थे कि राजधानी कराकस सहित देश के कई प्रमुख शहरों में इमारतें हिल गईं। कई बहुमंजिला इमारतों को गंभीर नुकसान पहुंचा है, जबकि कुछ भवन पूरी तरह ढह गए हैं। राहत और बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे हुए हैं।

भूकंप के बाद वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने पूरे देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है। सरकार ने सभी आपदा प्रबंधन एजेंसियों, सेना और स्वास्थ्य सेवाओं को हाई अलर्ट पर रखा है। लोगों से अपील की गई है कि वे क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहें और आफ्टरशॉक के खतरे को देखते हुए सतर्क रहें। फिलहाल सरकार की ओर से मृतकों और घायलों के आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं।
USGS की प्रारंभिक आकलन रिपोर्ट के अनुसार इस भीषण आपदा में 10 हजार से अधिक लोगों की मौत की संभावना 44 प्रतिशत है, जबकि एक लाख से अधिक लोगों की मौत की आशंका करीब 30 प्रतिशत जताई गई है। हालांकि यह केवल वैज्ञानिक अनुमान है और वास्तविक स्थिति राहत एवं बचाव कार्य पूरा होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक कराकस के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की छत का एक हिस्सा गिर गया, जिससे भारी धूल का गुबार उठ गया। एयरपोर्ट को एहतियातन बंद कर दिया गया है। इसके अलावा मेट्रो और रेल सेवाएं भी रोक दी गई हैं। कई इलाकों में बिजली और संचार सेवाएं बाधित हो गई हैं, जबकि अस्पतालों में बड़ी संख्या में घायलों के पहुंचने की आशंका को देखते हुए आपातकालीन व्यवस्था लागू कर दी गई है।
भूकंप के बाद पूरे देश में कई आफ्टरशॉक भी महसूस किए गए, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। हजारों लोग रातभर खुले मैदानों और सड़कों पर रहने को मजबूर हैं। प्रशासन लगातार लोगों से शांत रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार यह वेनेजुएला में पिछले 126 वर्षों का सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जा रहा है। इससे पहले वर्ष 1900 में 7.6 से 7.7 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया था, जिसने देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई थी। इस बार आए दो लगातार शक्तिशाली झटकों ने पूरे देश को हिला दिया है और बड़े पैमाने पर जनधन के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
फिलहाल राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। आपदा प्रभावित इलाकों में सेना, पुलिस, दमकल विभाग और आपदा राहत टीमें लगातार लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास कर रही हैं। कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने भी वेनेजुएला को हरसंभव सहायता देने की पेशकश की है। आने वाले घंटों में मृतकों, घायलों और नुकसान की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

