मुहर्रम की छुट्टी के कारण आज बंद है शेयर बाजार, वैश्विक कमजोरी से सोमवार को गिरावट के साथ खुलने की आशंका
मुहर्रम के अवकाश के चलते शुक्रवार, 26 जून को भारतीय शेयर बाजारों में कारोबार नहीं हो रहा है। हालांकि घरेलू निवेशकों की नजर अब सोमवार को बाजार खुलने पर टिकी हुई है। वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों के कारण विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार अगले कारोबारी सत्र में दबाव के साथ खुल सकते हैं। एशियाई बाजारों में बिकवाली और गिफ्ट निफ्टी में तेज गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
शुक्रवार को दक्षिण कोरिया का प्रमुख शेयर सूचकांक कोस्पी करीब 8 प्रतिशत तक टूट गया, जिससे पूरे एशियाई बाजार में नकारात्मक माहौल देखने को मिला। वहीं गिफ्ट निफ्टी भी 150 अंकों से अधिक की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। गिफ्ट निफ्टी को भारतीय बाजार के शुरुआती रुख का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। ऐसे में इसके कमजोर रहने से सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआत भी दबाव के साथ होने की संभावना जताई जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक बाजारों में जारी अनिश्चितता, विदेशी निवेशकों की सतर्कता और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक घटनाक्रम का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। यदि विदेशी बाजारों में कमजोरी जारी रहती है तो घरेलू बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। हालांकि निवेशकों की नजर इस बात पर भी रहेगी कि दिनभर के कारोबार में बाजार कितनी तेजी से रिकवरी करता है।
इससे पहले गुरुवार को भारतीय शेयर बाजारों में दिनभर उतार-चढ़ाव का माहौल बना रहा। कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रही, लेकिन ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली के कारण बाजार में दबाव देखने को मिला। इसके बावजूद प्रमुख सूचकांक हरे निशान में बंद होने में सफल रहे। बीएसई सेंसेक्स 109 अंक यानी 0.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,100 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 34 अंक यानी 0.14 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,056 के स्तर पर बंद हुआ।
गुरुवार के कारोबार में सबसे दिलचस्प बात यह रही कि सेंसेक्स अपने दिन के उच्चतम स्तर से करीब 703 अंक नीचे फिसल गया। इससे यह संकेत मिला कि ऊपरी स्तरों पर निवेशकों ने मुनाफावसूली की और बाजार में खरीदारी का उत्साह सीमित रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल निवेशक वैश्विक घटनाओं और विदेशी बाजारों के रुख को देखते हुए सतर्क रणनीति अपना रहे हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत बुनियादी संकेतक लंबे समय में बाजार को समर्थन दे सकते हैं, लेकिन अल्पकाल में वैश्विक संकेतों का असर अधिक दिखाई दे सकता है। ऐसे में सोमवार को बाजार खुलने पर बैंकिंग, आईटी, ऑटो और मेटल सेक्टर के शेयरों पर विशेष नजर रहेगी। यदि वैश्विक बाजारों में सुधार नहीं आता है तो शुरुआती कारोबार में इन सेक्टरों में भी दबाव देखने को मिल सकता है।
निवेश सलाहकारों का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में घबराकर फैसले लेने के बजाय निवेशकों को संयम बनाए रखना चाहिए। जिन निवेशकों का नजरिया लंबी अवधि का है, उनके लिए मजबूत कंपनियों में चरणबद्ध निवेश की रणनीति बेहतर साबित हो सकती है। वहीं अल्पकालिक ट्रेडर्स को सोमवार के शुरुआती कारोबार में बाजार की दिशा स्पष्ट होने के बाद ही बड़े दांव लगाने की सलाह दी जा रही है।
अब सभी की निगाहें सोमवार को बाजार खुलने पर रहेंगी। यदि वैश्विक बाजारों से नकारात्मक संकेत जारी रहते हैं तो भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ शुरुआत कर सकते हैं। हालांकि दिनभर के कारोबार में घरेलू निवेशकों की खरीदारी और संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां यह तय करेंगी कि बाजार शुरुआती नुकसान से उबर पाता है या नहीं।

