दबंगों ने फसल उजाड़ी, विरोध पर महिला और परिवार पर जानलेवा हमला, एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार
बरेली के थाना विशारतगंज क्षेत्र के ग्राम बेहटा बुजुर्ग में एक परिवार ने गांव के कुछ लोगों पर फसल बर्बाद करने, घर में घुसकर मारपीट करने और जानलेवा हमला करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता नीलम पुत्री वीरेन्द्र ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को प्रार्थना पत्र देकर आरोपितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।

नीलम के अनुसार उनके खेत में खड़ी मक्के की फसल को गांव के कुछ लोग और उनके बच्चे लंबे समय से नुकसान पहुंचा रहे थे। इस संबंध में उनके पिता द्वारा कई बार शिकायत भी की गई, लेकिन हर बार आरोपित पक्ष ने आश्वासन देकर मामला शांत करा दिया। पीड़िता का कहना है कि इसके बावजूद फसल को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं लगातार जारी रहीं।
नीलम ने बताया कि 29 मई को उनकी छोटी बहन ने खेत में कुछ बच्चों को मक्के की फसल नष्ट करते हुए देखा। जब उसने इसका विरोध किया और शिकायत की बात कही तो आरोपित पक्ष के लोग भड़क गए। आरोप है कि उन्होंने पहले गाली-गलौज की और फिर मारपीट पर उतारू हो गए।
पीड़िता के अनुसार उसी दिन दोपहर करीब दो बजे गांव के मनोज, विजय, मुनीश पुत्र राम बहादुर, मुनीश, लखन, पवन पुत्रगण संतोष तथा राहुल पुत्र हरीश समेत कई लोग लाठी-डंडों और अन्य हथियारों से लैस होकर उनके घर में घुस आए। आरोपितों ने घर का सामान फेंक दिया और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट शुरू कर दी। नीलम का आरोप है कि उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, उन्हें घसीटा गया और गंभीर चोटें पहुंचाई गईं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया तथा एक आरोपी ने तमंचा दिखाकर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
घटना के दौरान घर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पीड़िता ने तत्काल डायल-112 पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायल लोगों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। नीलम का कहना है कि प्राथमिक उपचार के बाद भी परिवार के सदस्यों में भय का माहौल बना हुआ है।
मामला यहीं नहीं रुका। पीड़िता का आरोप है कि अगले दिन 30 मई की सुबह आरोपितों ने उनकी छोटी बहन पर फिर हमला कर दिया। बहन को बचाने के लिए जब उनका भाई और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे तो उन पर भी धारदार हथियारों से हमला किया गया। इस हमले में कई लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल भाई को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
नीलम ने आरोप लगाया कि इतनी गंभीर घटनाओं के बावजूद थाना विशारतगंज पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि आरोपित राजनीतिक प्रभाव वाले लोग हैं और स्थानीय स्तर पर उनकी पकड़ होने के कारण पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने में आनाकानी कर रही है। पीड़िता का दावा है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अभी तक आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
पीड़ित परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं, इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बताया जा रहा है। अब सभी की निगाहें पुलिस प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि पीड़ित परिवार को न्याय कब तक मिल पाता है।

