जयपुर में वाहन चोरी गिरोह का पर्दाफाश, 60 से ज्यादा मामलों में वांछित हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार
जयपुर। जयपुर वेस्ट पुलिस ने वाहन चोरी के एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने कुख्यात वाहन चोर और हिस्ट्रीशीटर कुंजीलाल गुर्जर उर्फ बन्ने सिंह (38) को गिरफ्तार किया है। आरोपी सवाई माधोपुर जिले के बाटोदा थाना क्षेत्र का रहने वाला है और उसके खिलाफ प्रदेश के विभिन्न जिलों में 60 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चित्रकूट क्षेत्र से चोरी की गई एक स्कॉर्पियो एस-11 क्लासिक और वारदात में प्रयुक्त चोरी की टाटा अल्ट्रोज कार भी बरामद की है।
डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया कि चित्रकूट निवासी सयानारायण यादव ने पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8 जून की रात उनके घर के बाहर खड़ी स्कॉर्पियो कार अज्ञात बदमाश चोरी कर ले गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर सामने आया कि चोर एक टाटा अल्ट्रोज कार में आए थे और सुनियोजित तरीके से स्कॉर्पियो चोरी कर फरार हो गए।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने वाहन में लगे जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस को निकालकर फेंक दिया था ताकि वाहन की लोकेशन ट्रेस नहीं की जा सके। इससे स्पष्ट हुआ कि चोरी करने वाले बदमाश पेशेवर और अनुभवी वाहन चोर हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी विश्लेषण, संदिग्ध अपराधियों की गतिविधियों, मोबाइल डाटा और सीसीटीवी फुटेज का गहन अध्ययन किया। जांच के दौरान पुलिस ने जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में लगे करीब 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। लगातार कई दिनों तक चले विश्लेषण के बाद पुलिस को कुख्यात वाहन चोर कुंजीलाल गुर्जर उर्फ बन्ने सिंह की संलिप्तता के महत्वपूर्ण सुराग मिले।
इसके बाद पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। आरोपी ने बताया कि वह दीपावली के बाद जेल से रिहा हुआ था। जेल से बाहर आने के बाद उसने अपने साथी अमोल मीणा उर्फ मनोहरी के साथ मिलकर दोबारा वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने और उसके साथी ने सबसे पहले सांगानेर क्षेत्र से एक टाटा अल्ट्रोज कार चोरी की थी। इसी कार का उपयोग बाद में अन्य वाहन चोरी की घटनाओं में किया गया। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने चित्रकूट क्षेत्र से स्कॉर्पियो चोरी की थी। इसके अलावा 10 जून को भीलवाड़ा से एक अन्य स्कॉर्पियो चोरी करने की वारदात में भी उसकी संलिप्तता रही है। आरोपी ने यह भी बताया कि गिरोह के सदस्य राजस्थान के अलावा दिल्ली सहित अन्य स्थानों पर भी वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चित्रकूट क्षेत्र से चोरी हुई स्कॉर्पियो और सांगानेर से चोरी की गई टाटा अल्ट्रोज कार बरामद कर ली है। बरामद वाहनों को जब्त कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर अन्य चोरी के वाहनों और गिरोह के नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी कुंजीलाल गुर्जर उर्फ बन्ने सिंह के खिलाफ जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, टोंक, जोधपुर, सवाई माधोपुर सहित कई जिलों में वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में 60 से अधिक मामले दर्ज हैं। वहीं फरार आरोपी अमोल मीणा की तलाश के लिए भी पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान कर जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही चोरी के वाहनों की खरीद-फरोख्त से जुड़े नेटवर्क की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।

