जयपुर में पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग, तीन की मौत, छह मजदूर गंभीर रूप से झुलसे
खोह नागोरियान इलाके में हुआ दर्दनाक हादसा, आग लगने के कारणों की जांच शुरू
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा सामने आया। खोह नागोरियान थाना क्षेत्र स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लगने से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि छह मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते पूरी फैक्ट्री इसकी चपेट में आ गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत फैल गई।

जानकारी के अनुसार हादसा मंगलवार सुबह करीब 11 बजे खोह नागोरियान क्षेत्र के आयशा नगर तलाई इलाके में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में हुआ। यह फैक्ट्री आईटीआई कॉलेज के पास संचालित की जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक फैक्ट्री के अंदर तेज धमाके की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं। कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग पर काबू पाने के लिए कई दमकल वाहनों को लगाया गया। काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका, लेकिन तब तक बड़ा नुकसान हो चुका था। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस मृतकों की शिनाख्त कराने और उनके परिजनों तक सूचना पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
वहीं हादसे में छह मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों की पहचान आजीम खान, नासीर खान, समीर खान, बिलाल, अब्दुल वाहिद और अशफाक के रूप में हुई है। सभी को तत्काल जयपुर के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार अधिकांश घायल 90 प्रतिशत तक झुलसे हुए हैं और उनकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों की टीम लगातार उनका उपचार कर रही है।
जयपुर कलेक्टर संदेश नायक ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में फैक्ट्री के भीतर किसी ज्वलनशील पदार्थ के कारण आग लगने की आशंका सामने आई है। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रशासन यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि फैक्ट्री के संचालन के लिए सभी आवश्यक अनुमति और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
पटाखा फैक्ट्री में आग लगने की घटना ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पटाखा निर्माण और भंडारण से जुड़े प्रतिष्ठानों में सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन बेहद जरूरी होता है। थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे उद्योगों में अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास मार्ग और सुरक्षा प्रशिक्षण जैसी व्यवस्थाएं अनिवार्य मानी जाती हैं।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाकों के नजदीक इस तरह की फैक्ट्रियों का संचालन सुरक्षा के लिहाज से गंभीर खतरा पैदा करता है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। आग लगने के कारणों, सुरक्षा मानकों के पालन और फैक्ट्री संचालन की वैधता की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस दर्दनाक हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है। वहीं पूरे प्रदेश की निगाहें घायलों के स्वास्थ्य और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

